जदयू के नेता व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह राज्यसभा भेजे जाएंगे या नहीं ये अभी तक साफ नहीं हुआ है, लेकिन चर्चा इस बात को लेकर बेहद गर्म है कि क्या भाजपा RCP सिंह की मदद कर सकती है. इस सवाल पर जदयू के नेता कुछ भी साफ-साफ बोलने से बच रहे हैं. हालांकि, जेडीयू नेता नीरज कुमार ने यह जरूर कहा है कि कौन क्या कर रहा है; क्या कह रहा है, ये वही जाने. जदयू में नीतीश कुमार ही की कोई फैसला करते हैं यह सब जानते हैं. अब इस मसले पर स्वयं आरसीपी सिंह का बयान सामने आया है और उन्होंने सीएम नीतीश कुमार औरजदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से उनकी दूरी की बात को सिरे से खारिज कर दी है.
दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के लिए निकलने से पहले आरसीपी सिंह ने कहा कि मैं नीतीश कुमार की सहमति से केंद्र में मंत्री बना था. मेरे संबंध सबसे अच्छे हैं. आज शाम पटना जाऊंगा. राज्यसभा उम्मीदवारी पर फैसला मुख्य्मंत्री को लेना है. आप लोग इंच और फीट लेकर दूरी मापते हैं. मेरे, नीतीश बाबू (नीतीश कुमार) और ललन बाबू (ललन सिंह) में कोई दूरी है? ये कौन बता दिया आपको?
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, नामांकन में अभी बहुत दिन है. 24 से 31 मई तक है. हम फोरकास्ट जानते नहीं हैं. हमारा काम है जिस पद पर हैं उस पर काम करना. नीतीश जी से मिलेंगे या दूरी है; ये सवाल कहां से निकालते हैं? बिना आग के भी लोग धुआं निकालते हैं. चर्चा लोकतंत्र में होती है. अपनी बात लोग रखते हैं. हमारे नेता का स्वभाव आप लोग जानते हैं. वे सबका सुनते रहते हैं.
बीजेपी के साथ रिश्ते पर आरसीपी सिंह ने कहा कि मैं जहां भी रहता हूं पूरी ईमानदारी से रहता हूं.
1998 में मंत्री बना उस वक्त मैं नीतीश जी के साथ जुड़ा. उस वक्त केन्द्र में किसकी सरकार थी? बिहार में हम रहे किसके साथ सरकार थी? बता दें कि इससे पहले आरसीपी सिंह को राज्य सभा भेजे जाने या न भेजे जाने की चर्चा के बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी यही बयान दिया था कि नीतीश कुमार ही आखिरी फैसला करेंगे.
एनडीए के सहयोगी जीतन राम मांझी ने आरसीपी सिंह की राज्यसभा उम्मीदवारी पर बड़ा बयान देते हुए कहा था, ”जो बातें दिखती हैं; वो होती नहीं हैं, और जो दिखती नहीं वो होती हैं. एनडीए इंटैक्ट है. आप लोग भले जो मान लें दोनों में (नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह में) एकता है. समय आने पर दिख जाएगा. नहीं भेजने का क्या औचित्य है? आप लोग देख लीजिएगा आरसीपी सिंह ही राज्यसभा जाएंगे.” बहरहाल, इन बयानों के बीच इस मुद्दे पर नीतीश कुमार चुप हैं और उनके आगामी कथन और कदम का लोग इंतजार कर रहे हैं.







