ADVERTISEMENT
Friday, July 31, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

आप पूरी तरह से हमलावर होकर भाजपा का सफाया कर देगी…………

UB India News by UB India News
March 16, 2022
in Lokshbha2024, खास खबर, दिल्ली, संपादकीय
0
आप पूरी तरह से हमलावर होकर भाजपा का सफाया कर देगी…………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के घोषित होने के ठीक एक दिन पहले दिल्ली के नगर निगमों के चुनाव टालने की घोषणा कर दी गई। चुनाव के लिए सीटों के परिसीमन आदि का काम पूरा करने के बाद दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त संजय कुमार श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में मतदान की तारीख घोषित करने के बजाए बताया कि अभी ही केंद्र सरकार से चुनाव की घोषणा न करने का संदेश मिला है। शायद केंद्र सरकार तीन नगर निगमों को एक करना चाहती है। दूसरे ही दिन चुनाव नतीजे आते ही दिल्ली सरकार में पिछले सात साल से शासन कर रही आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार हार के डर से निगम चुनाव को टाल रही है।

यह तय सा हो गया कि दिल्ली नगर निगमों के चुनाव में मुकाबला भाजपा और आप में ही होना है। भाजपा लगातार १५ साल से निगम में काबिज है। इस बार आप ने काफी पहले से निगम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। चुनाव टलने से दिल्ली की मौजूदा शासन व्यवस्था में ठोस सुधार करने का अवसर मिला है। राजनीति चाहे जो हो‚ लेकिन दिल्ली और दिल्लीवालों के लिए यह अवसर है। जिस तरह से चुनाव घोषण आखिरी समय टाला गया‚ उससे तो यही संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव अब काफी देरी से होंगे और तब संभव है कि निगम का एक और स्वरूप बना दिया जाए। केवल तीन निगम को एक निगम करने के अलावा संभव है कुछ निगम के अधिकार बढ़ाए जाएं। यह भी संभव है कि चुनाव से पहले निगम की बदहाली दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएं। दिल्ली के ८७ फीसद इलाकों में दिल्ली सरकार के समानांतर दिल्ली की नगर निगमों की सत्ता चलती है। दिल्ली में विधान सभा बनने से पहले निगम के पास ही दिल्ली की असली सत्ता थी‚ बाद में पहले बिजली‚ फिर पानी‚ फिर फायर सर्विस‚ होमगार्ड‚ फिर सीवर‚ बड़ी सड़कें आदि अपने अधीन करके दिल्ली सरकार ताकतवर बनी। बावजूद इसके आज भी गृह कर‚ लाइसेंस‚ प्राथमिक स्वास्थ्य समेत कुछ बड़े अस्पताल‚ प्राथमिक स्कूल‚ पार्क‚ पार्किंग आदि निगमों के अधीन हैं। तीन निगमों में से दो (पूर्वी और उत्तरी) अपने खर्चे का बोझ नहीं उठा पा रही हैं। दिल्ली में आप के ताकतवर होने से पहले कांग्रेस और भाजपा (पहले जनसंघ‚ फिर जनता पार्टी) दो ही पार्टी दिल्ली में ताकतवर होती थी। केंद्र में ज्यादातर शासन कांग्रेस का होता था इसलिए दिल्ली को राज्य बनाने और बाद में दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का आंदोलन भाजपा चलाती थी। कांग्रेस ने तो पहली बार दिल्ली में शीला दीक्षित की सरकार बनने पर यह मुद्दा उठाया। तब केंद्र सरकार ने दो परिपत्र जारी करवाकर दिल्ली सरकार के अधिकारों में कटौती करवा दी थी। शीला दीक्षित ने इसका विरोध किया‚ लेकिन केंद्र सरकार ने उसमें कोई बदलाव नहीं किया। अलबत्ता भाजपा अपने वायदे के अनुरूप अपनी सरकार के आखिरी दिनों में दिल्ली राज्य विधेयक‚ २००३ ले आई। उस बिल में नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) इलाके को छोड़ कर बाकी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का प्रस्ताव था। दीक्षित ने दिल्ली सरकार के अधिकार बढ़ाने के लिए कम प्रयास नहीं किए बल्कि जब उन्हें लगा कि दिल्ली पूर्ण राज्य बन ही नहीं सकती तो उन्होंने जमीन यानी डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) और दिल्ली पुलिस को तीन हिस्सों में करके थाने की पुलिस और यातायात पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन करवाने का प्रयास किया। उनका मानना था कि वीआईपी सुरक्षा में लगी पुलिस केंद्र सरकार के अधीन रहे। शीला दीक्षित का यह फार्मूला भी उनकी पार्टी की केंद्र सरकार ने नहीं आगे बढ़ने दिया। तब उन्होंने नगर निगम को पूरी तरह से दिल्ली सरकार के अधीन करने की मुहिम चलाई। उसमें उन्हें आंशिक सफलता ही मिली। दिल्ली की साफ–सफाई आदि के लिए दिल्ली के वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली सरकार निगमों को पैसा देती है। यह विवाद हर समय रहा है। दिल्ली सरकार कहती है कि उसे केंद्र सरकार उसके हिस्से का पूरा पैसा नहीं देती और निगमों की शिकायत रहती है कि दिल्ली सरकार उसके हिस्से का पूरा पैसा नहीं देती। दिल्ली सरकार कहती है कि निगम में भ्रष्टाचार के चलते घाटा है सरकार तो पूरा पैसा दे रही है।

RELATED POSTS

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

नगर निगम में सुधार के नाम पर ही एक बार पहले भी १४ साल चुनाव टाले गए। १९८३ में पुराने विधान के हिसाब से चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस चुनाव जीती थी। उसे १९९० तक विस्तार देकर भंग किया गया। स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के लिए संसद में हुए ७३ वें और ७४ वें संशोधनों के बाद नये विधान से १९९७ में चुनाव हुए। फिर २०१२ में तीन निगम बने। अब उसे फिर से एक करने की चर्चा हो रही है। संभव है केंद्र सरकार निगम के नये स्वरूप के लिए कोई समिति बना दे। उस समिति की सिफारिशों के आधार पर निगम के अधिकार बढ़ा दिए जाएं। एक बार चुनाव टालने के बाद केवल तीन निगम को एक करके महीने भर बाद चुनाव करवाने से तो आप पूरी तरह से हमलावर होकर भाजपा का सफाया ही कर देगी। मई तक निगमों का कार्यकाल है। संभव है उसके बाद उसे पुनर्गठन के नाम पर भंग करके निगम में नई शासन व्यवस्था बनाई जाए। इसकी दिल्ली को जरूरत भी है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

by UB India News
July 30, 2026
0

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले के एक दिन बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर...

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

by UB India News
July 30, 2026
0

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में से पहले टीम इंडिया की जर्सी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इंडियन हॉकी...

Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

by UB India News
July 30, 2026
0

संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपने भाषण में Clocked It, Delulu, FOMO, M.I.A. और वास्ते...

मनमोहन सिंह को उनके निधन के 19 महीने बाद क्लीन चिट मिली है, वह क्या था?

मनमोहन सिंह को उनके निधन के 19 महीने बाद क्लीन चिट मिली है, वह क्या था?

by UB India News
July 30, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट ने 2005 के चर्चित कथित कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को बड़ी...

आंदोलनों के आगे क्यों झुक रही BJP सरकार?

आंदोलनों के आगे क्यों झुक रही BJP सरकार?

by UB India News
July 30, 2026
0

पिछले कुछ हफ्तों में भारत की राजनीति में एक साफ पैटर्न दिखा है. एक के बाद एक आंदोलन और एक...

Next Post
सोनिया गांधी ने चुनावी राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों से इस्तीफा मांगा,सिद्धू सहित कइयो भेजा त्यागपत्र

सोनिया गांधी ने चुनावी राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों से इस्तीफा मांगा,सिद्धू सहित कइयो भेजा त्यागपत्र

12 से 14 साल की उम्र के बच्चों को आज से लग रही वैक्सीन, बुजुर्गों के लिए बूस्टर डोज भी

12 से 14 साल की उम्र के बच्चों को आज से लग रही वैक्सीन, बुजुर्गों के लिए बूस्टर डोज भी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend