२०२१ जाते–जाते कुछ ऐसे आंकड़े‚ कुछ ऐसे तथ्य देकर जा रहा है‚ जिनसे भय और आशा दोनों का ही संचार होता है। भय का संचार तो ओमिक्रोन की वजह से हो रहा है। कहीं वो ही दुर्दिन तो न देखने पड़ेंगे जो अप्रैल मई २०२१ में देखने पड़े थे। बेबस मरीज‚ लाचार सरकारें‚ सबकुछ भगवान भरोसे‚ सिर्फ वीआईपी‚ मंत्रियों की सेहत कोरोना से सुरक्षित थी‚ उन दिनों। पर भयाक्रांत करने वाली खबरों के दौर में शुभ समाचार यह है कि २०२१ में तमाम कंपनियों ने इनिशियल पब्लिक आफर आईपीओ यानी प्राथमिक जन निर्गम के जरिये जनता से भरपूर पूंजी जुटाई और उसका कारोबारी इस्तेमाल किया। आईपीओ के जरिये तमाम कंपनियां आम निवेशकों से पूंजी उगाहती हैं। आम निवेशक अपनी पूंजी कंपनियों को इस उम्मीद पर देता है कि उस पूंजी का लाभप्रद इस्तेमाल कंपनियां करेंगी और निवेशक लाभान्वित होगा। २०२१ में आईपीओ के जरिये १.१९ लाख करोड़ रु पये की पूंजी उगाही गई। २०२० में यह रकम २६‚७७२ करोड़ रु पये थी। २०२१ में आईपीओ के जरिये उगाही जाने वाली रकम ने पुराने सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। यानी निवेश की दुनिया में कोरोना का नकारात्मक असर दिखाई नहीं दे रहा है। उद्यमी उम्मीदों के साथ नई परियोजना लगा रहे हैं‚ और निवेशक भी उम्मीद के साथ निवेश कर रहे हैं। २०२१ में यह बहुत बड़ा सुसमाचार है क्योंकि कोरोना की भयावहता के संदर्भ में २०२१ का साल २०२० के मुकाबले बहुत ज्यादा त्रासद रहा है। पर कहावत है ना ‘बाजार और शमशान’ ज्यादा लंबे समय के लिए बंद नहीं रह सकते। बाजार से आशय यहां आर्थिक गतिविधि से है। दुखद से दुखद हादसे के बाद भी आर्थिक गतिविधि तो शुरू होगी ही। तो कुल मिलाकर उद्यमी शिकायत नहीं कर सकते हैं कि बाजार में उनके लिए पूंजी की कमी है। पूंजी की रिकार्ड उगाही वाले साल में नई परियोजनाओं की बहार रही। नये विचारों को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली। कोरोना के नये वैरिएंट भी नव उद्यमियों की क्रियाशीलता और रचनात्मक को संक्रमित ना कर सके। यह बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है कि महान देश संकटों के बावजूद आगे बढ़ते हैं और भारतीय उद्यमियों ने पूंजी बाजार की इस बात को दोबारा रेखांकित किया है। संकट भी किसी को उसके सपने पूरे करने से नहीं रोक सकता। बल्कि संकट के दौरान ही कई नये विचार‚ नये उपक्रम सामने आये और कामयाब हुए। यह सफलता स्वागतयोग्य है।
धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?
सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...






