बहुत दिनों बाद पटना के लोगों ने खुद उदित नारायण के मुंह से ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…बेटा हमारा ऐसा काम करेगा’ गाना सुना। इसी के साथ उन्होंने टिप टिप बरसा पानी, चांद से बढ़कर तोहरे के हम मानी लें…सहित कई और भी गाने गाए। कुछ गानों पर उनका साथ भोजपुरी के चर्चित गायक और सांसद मनोज तिवारी ने भी दिया।
मौका था भाजपा के कला संस्कृति प्रकोष्ठ की ओर से भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयपी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित राष्ट्रीय अटल सम्मान-2021 का, लेकिन इसी दौरान उदित नारायण जब ‘दुनिया में औरत के के पहचाने…तिरिया चरित्तर केहू ना जाने’ गाने लगे, तो दर्शक चकित रह गए। वहां बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं, जिन्हें सम्मानित भी किया गया था। इसलिए शायद यह मौका ऐसे गाने के लिए मुफीद नहीं था।
कार्यक्रम की शुरुआत में अटल बिहारी वाजपेयी, लेखिका शांति जैन और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। शुरुआत में ही लोक गायिका कल्पना पटवारी ने ‘ठन गई…मौत से ठन गई’ गीत से अटल जी को अपनी श्रद्धांजलि दी। युवतियों ने खूबसूरत सूफी गायन कर हर किसी का मन मोह लिया।

अभिनेता कुणाल सिंह की आवाज की गूंज
भोजपुरी के जाने-माने अभिनेता कुणाल सिंह की आवाज की खनक एक बार फिर से लोगों को यहां सुनने को मिली। उन्होंने दहेज के लिए बेटी के पिता का दर्द ऐसा बयां किया कि चुप्पी छा गई। कहा कि आयोजन में आए एक भी परिवार ने शपथ ले ली कि वह दहेज नहीं लेगा, तो उनका यहां आना सफल हो जाएगा। अटल जी से जुड़ा वह जमशेदपुर के आंदोलन का संस्मरण भी उन्होंने सुनाया, जिसमें फूल देने पर अटल जी ने उन्हें सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था।

इन्हें प्रदान किया गया 2021 का राष्ट्रीय अटल सम्मान
यहां कई विधाओं से जुड़े चर्चित लोगों को अटल सम्मान से नवाजा गया। सुपर 30 के चर्चित शिक्षक आनंद उपस्थित नहीं हो सके, इसलिए उनकी मां जयंती देवी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। जयंती देवी का बड़ा योगदान आनंद को पढ़ाने और आगे बढ़ाने में रहा है। किशोर कुणाल के बेटे ने पुरस्कार प्राप्त किया।
उदित नारायण- गायन ज्योति परिहार – कला-साहित्य डॉ सहजानंद सिंह – चिकित्सा श्रेयसी सिंह – खेल, तीरंदाजी सिस्टर ब्लू लोटस – समाजसेवा डॉ. प्रभाकर कर्ण – चिकित्सा गजेन्द्र सिंह – कला, रियलिटी शो के जनक पद्मश्री दुलारी देवी – मिथिला पेंटिंग आनंद कुमार – शिक्षक, सुपर 30 कल्पना पटवारी – लोकगायिका प्रिया मल्लिक – कला किशोर कुणाल – भोजपुरी अभिनेता मिथिलेश सिंह – नाटक दीपक ठाकुर – गायन शशि शरण – शिक्षा तिष्या श्री – लेखनशंभू शिखर – साहित्य पद्मिनी शर्मा- साहित्य कमल आग्नेय – साहित्य
आशीष कौशिक – फोटोग्राफी



अटल जी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित राष्ट्रीय अटल सम्मान सह सांस्कृतिक संध्या (तृतीय) का उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल‚ पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद‚ पूर्वी दिल्ली के सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (दिल्ली) तथा इस कार्यक्रम के संयोजक मनोज तिवारी‚ उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद‚ मंत्री जिवेश मिश्रा‚ नितिन नवीन‚ मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन‚ पूर्व मंत्री व विधायक नंदकिशोर यादव‚ पाटलिपुत्र के सांसद रामकृपाल यादव ने उद्घाटन संयुक्त रूप से किया। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित तृतीय राष्ट्रीय अटल सम्मान सह सांस्कृतिक कार्यक्रम पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित किया गया। बिहार सहित देश एवं दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाने वाले १५ विशेष व्यक्तियों को अटल सम्मान से सम्मानित किया गया। कला क्षेत्र से बिहार के मांटी के लाल देश और दुनिया में अपनी गायिकी से बिहार का नाम रोशन करने वाले उदित नारायण झा‚ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी (खेल) में गोल्ड मेडल जीतने वाली वर्तमान में जमुई से विधायक श्रेयसी सिंह‚ आध्यात्म एवं जन कल्याण में अपना अहम योगदान देने वाले पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल‚ अपने लोक गीतों से देश और दुनिया में नाम कमाने वाली (मूलतः आसाम) की रहने वाली जिन्होंने बिहारी लोक गीतों के जनक भिखारी ठाकुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मुहिम छेड रखा है ऐसी कल्पना पटवारी‚ कला क्षेत्र से ही प्रिया मलिक‚ शिक्षा जगत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन करने वाले सुपर–३० के संस्थापक आनंद कुमार‚ चिकित्सा क्षेत्र में अपने अतुलनीय योगदान के लिए डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह‚ रियलिटी शो के जनक कला क्षेत्र से गजेन्द्र सिंह‚ बिहार की मिथिला पेंटिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्मश्री दुलारी देवी‚ भोजपुरी सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास के जीवंत हस्ताक्षर जिन्होंने लगभग ३०० से ज्यादा फिल्मों में अपने अभिनय से भोजपुरिया दर्शकों के चहेते कुणाल सिंह‚ साहित्य जगत से तिष्या श्री‚ कला एवं साहित्य से ही ज्योति परिहार‚ वियतनाम की रहने वाली जिन्होंने समाजसेवा से दुनिया में एक अनूठा मुकाम हासिल करने वाली सिस्टर ब्लू लोटस‚ अपने नाट्कों से देश और दुनिया को संदेश देने वाले मिथलेश सिंह‚ कला क्षेत्र से ही दीपक ठाकुर‚ चिकित्सा क्षेत्र ड़ॉ. प्रभाकर कर्ण‚ शिक्षा क्षेत्र से शशि शरण‚ साहित्य से शंभु शिखर‚ पद्मिनी शर्मा एवं कमल आगेय को राष्ट्रीय अटल सम्मान (तृतीय) प्रदान किया गया। सम्मान पाने के बाद इनलोगों ने कहा कि अटल जी के नाम पर सम्मान पाना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वरुण कुमार सिंह‚ डॉ. बी झा मृणाल‚ सह संयोजक श्रीकृष्ण कुमार मिश्रा‚ रितेष सिंह‚ विभास कुमार सिंह‚ शिवजी सिंह‚ आनंद पाठक सहित अन्य का सहयोग रहा ।







