बिहार विधान परिषद में शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि राष्ट्रीय ई. विधान एप्लिकेशन (एनईवीए) को अपनाकर बिहार विधान परिषद देश में ऐसी सेवाओं को अपनाने वाला पहला सदन बन गया है। उन्होंने एनईवीए प्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इसके तहत सदन के भीतर सदस्यों की सीट पर कंप्यूटर टैब स्थापित किया जायेगा‚ ताकि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सुविधा हो। श्री सिंह ने कहा कि एनईवीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में अगला कदम है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सेवा विचारों के अंतर से ऊपर है। उन्होंने पूर्ण शराबबंदी की दिशा में बिहार विधान परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पारित संकल्प की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि परिषद के सदस्य सदन की गरिमा बनाये रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी और रचनात्मक तरीके से निर्वहन करेंगे।परिषद के कार्यकारी सभापति ने उच्च सदन के वर्तमान सत्र के लिए केदारनाथ पांडेय‚ रामचंद्र पूर्वे‚ संजीव कुमार और प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता को पीठासीन अधिकारियों के रूप में नामित करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यमंत्रणा समिति का भी गठन किया। इसके बाद में उच्च सदन ने विधायक मुसाफिर पासवान‚ पूर्व विधायक सदानंद सिंह‚ मिथिलेश कुमार सिंह‚ जनार्दन शर्मा‚ गौरीशंकर नाग दंश‚ हिंद केसरी यादव‚ पूर्व विधान पार्षद बलराम सिंह यादव‚ खालिद रशीद सबा और रामजी प्रसाद शर्मा को श्रद्धांजलि दी। सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा॥। जिसके बाद उच्च सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई॥।
आखिर क्यों तेज प्रताप को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा?
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