प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 10:30 बजे कोरोना पर बैठक करेंगे। मीटिंग में सरकार के टॉप अधिकारी शामिल होंगे। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल मीटिंग में शामिल होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी इसकी अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान कोविड-19 की स्थिति और वैक्सीनेशन पर चर्चा होगी।
मोदी की ओर से यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है जब अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। दक्षिण अफ्रीका में मिले मल्टिपल म्यूटेशन वाले कोविड वैरिएंट को लेकर दुनियाभर के देश डर गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफेक्शियस डिजीज ने बताया- देश में इस वैरिएंट के अब तक 22 केस मिले हैं। वैज्ञानिकों ने इसे B.1.1.529 नाम दिया है। इसे वैरिएंट ऑफ सीरियस कंसर्न बताया है।
भारत ने भी उठाए सख्त कदम
हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सभी एयरपोर्ट्स को निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्यों से कहा गया है कि वे दक्षिण अफ्रीका, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की अच्छी तरह से जांच करें। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
राज्यों और UTs को लिखे एक लेटर में हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा- पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपल्स को तुरंत जीनोम सीक्वेंसिंग लैबोरेटरी में भेजा जाए। देश के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी इस वैरिएंट को लेकर आगाह किया है।
अभी तक कहां-कितने केस मिले हैं?
सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में इस वैरिएंट के केस मिले थे। वहां अब तक इस वैरिएंट से 77 लोग इंफेक्ट हो गए हैं। बोत्सवाना में भी 4 लोग इस वैरिएंट से इंफेक्टेड मिले हैं। चिंता वाली बात ये है कि बोत्सवाना में पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोग भी इसकी चपेट में आ गए हैं।
साथ ही हॉन्ग कॉन्ग में भी इस नए वैरिएंट के 2 केस मिले हैं। फिलहाल दोनों मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है और निगरानी की जा रही है।
इजराइल में भी इस वैरिएंट से इंफेक्टेड एक केस की पुष्टि हुई है। इंफेक्टेड व्यक्ति दक्षिण अफ्रीकी देश मलावी से लौटा है।
क्या वैक्सीन इस पर असर नहीं करेगी?
ऐसा माना जा रहा है। चूंकि वैक्सीन को चीन में मिले वायरस के हिसाब से बनाया गया है, लेकिन ये स्ट्रैन उस मूल वायरस से अलग है। हो सकता है कि इस वैरिएंट पर वैक्सीन इफेक्टिव न हो। इफेक्टिव हो भी तो उसकी एफिकेसी कम हो सकती है। हालांकि, इस बारे में अभी कुछ भी पुख्ता जानकारी नहीं है।
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक सलाहकार समिति ने दक्षिण अफ्रीका में पहली बार सामने आए कोरोना वायरस के नए प्रकार को ‘बेहद तेजी से फैलने वाला चिंताजनक प्रकार’ करार दिया है और ग्रीक वर्णमाला के तहत इसे ‘ओमीक्रॉन’ नाम दिया है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा शुक्रवार को की गई यह घोषणा पिछले कुछ महीनो में वायरस के नए प्रकार के वर्गीकरण में पहली बार की गई है। इसी वर्ग में कोरोना वायरस के डेल्टा प्रकार को भी रखा गया था जिसका प्रसार दुनियाभर में हुआ था।
देश में शनिवार को एक दिन में कोविड-19 के 8,318 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,45,63,749 हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 465 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,67,933 हो गई।







