दक्षिण अफ्रीका में Covid19 का नया और खतरनाक वैरिएंट मिलने के बाद से एक बार फिर कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है।दक्षिण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण अफ्रीका में मिले इस नए वैरिएंट B.1.1.529 को ओमिक्रॉन नाम दिया है। WHO ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में रखा है। साथ ही यह भी बताया कि तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि महामारी का यह स्ट्रेन काफी खतरनाक हो सकता है।
नए वैरिएंट में कई म्यूटेशन
इससे पहले शुक्रवार को WHO की बैठक के बाद इसके प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने कहा कि शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि इस वैरिएंट में कई म्यूटेशन हो रहे हैं। इसकी और स्टडी करने की जरूरत है। हमें इसका असर समझने में कुछ हफ्ते लगेंगे। रिसर्चर्स इसे और ज्यादा समझने पर काम कर रहे हैं। नए वैरिएंट के बारे में WHO सरकारों के लिए गाइडेंस जारी करेगा, जिससे वे आगे के एक्शन ले सकेंगे।
डेल्टा वैरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने सांसदों से कहा, ‘‘शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह स्वरूप डेल्टा वैरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक हो सकता है और वर्तमान टीके इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें जल्द से जल्द संभव कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’’ यूरोपीय संघ में शामिल देशों में मामलों में भारी वृद्धि के बीच, जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा, ‘‘यह एक नया स्वरूप कई समस्याएं पैदा करेगा।’’ यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘उड़ानों को तब तक स्थगित किया जाना चाहिए जब तक कि हमें इस नए स्वरूप से उत्पन्न खतरे के बारे में स्पष्ट समझ न हो, और इस क्षेत्र से लौटने वाले यात्रियों को सख्त पृथक-वास नियमों का पालन करना चाहिए।’’
कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका पर ट्रैवल बैन लगाया
WHO के मुताबिक यह वायरस दुनिया में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वायरस से भी 5 गुना ज्यादा तेजी से फैलने की ताकत रखता है। यह जानकारी सामने आने के बाद दुनिया भर में हड़कंप मच गया। लोग दक्षिण अफ्रीका छोड़कर अपने-अपने देश लौटने लगे हैं। कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका पर ट्रैवल बैन लगा दिया है। कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका से लौटने वाले लोगों की एंट्री बंद कर दी है, तो यूरोपियन यूनियन ने अफ्रीका से सभी फ्लाइट्स रद्द कर दी है। वहीं अमेरिका ने भी सोमवार से दक्षिण अफ्रीका से एयर कनेक्टिविटी बंद कर देगा।
भारत भी नए वैरिेएंट को लेकर अलर्ट
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से दुनिया में मचे हाहाकर के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी सरकार ने अफ्रीकी देशों से कोविड-19 के नए वेरिएंट के खतरे के मद्देनजर उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक बुलायी है। केंद्र ने बृहस्पतिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी जांच की जाए। इन देशों में कोविड-19 के नए वेरिएंट के सामने आने की सूचना है जिसके जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकते हैं।
बेल्जियम: एक दिन में 23,350 कोरोना केस दर्ज, अक्टूबर 2020 के बाद एएक दिन में सबसे ज्यादा मामले
स्विट्जरलैंड: एक दिन में 8,585 नए मामले दर्ज किए गए। यह नवंबर 2020 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त है।
जर्मनी: एक ही दिन में 73,887 नए कोरोना मामले मिले हैं। यह एक दिन अब तक की सबसे बड़ी बढ़त है।
इटली: 1 मई के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा 12,448 कोरोना मामले दर्ज किए गए।
फ्रांस: एक दिन में 32,591 नए केस सामने आए। यह पिछले हफ्ते से 61% ज्यादा है और अप्रैल के बाद एक दिन की सबसे बड़ी ग्रोथ है।
नए वैरिएंट से जुड़े 6 अहम सवाल-जवाब:
1. वैरिएंट पहली बार कब मिला?
11 नवंबर को बोत्सवाना में मिला। उसके बाद हॉन्गकॉन्ग, इजरायल, बेल्जियम में मिला।
2. अब यह किस गति से फैल रहा है?
बहुत तेजी से। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रो. दीनान पिल्लई के मुताबिक कुछ ही सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग हुई है। इसलिए, इसकी असल रफ्तार और ज्यादा हो सकती है।
3.विशेषज्ञ चिंतित क्यों हैं?
वायरस इंसान की कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं। वैक्सीन शरीर को इन स्पाइक को पहचानने और उन्हें बेअसर करने के लिए तैयार करती है। बी.1.1.529 वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 32 वैरिएंट हैं। इससे वैज्ञानिक चिंतित हैं, क्योंकि म्यूटेशन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से बचकर अगली लहर का कारण बनता है।
4. नए वैरिएंट का जोखिम कितना है?
अभी इसकी जानकारी बहुत कम है। यह विदेशी यात्रियों के जरिए पहुंच सकता है।
5. इसके खतरे की सही जानकारी कब होगी?
वैज्ञानिकों को वायरस का स्वभाव समझने में एक सप्ताह लगता है। वायरस के प्रति इम्युनिटी की प्रतिक्रिया पर अच्छा डेटा आने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
6. क्या इसे पहले ही रोका जा सकता है?
अभी ये सबूत नहीं मिले हैं कि बी.1.1.529 उसी तरह फैला है, जैसे डेल्टा फैला था। नया सही समय पर कदम उठाकर और वैक्सीनेशन से इसे भी सीमित किया जा सकता है।






