मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर बार की तरह एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करना हमारा मकसद है। सोमवार को राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज और राजकीय तिब्बी कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शराबबंदी का निर्णय वर्ष २०१५ में लिया गया। शराबबंदी को लेकर अब तक जितना अभियान चला है‚ उसके बारे में सबलोग जानते हैं। शराबबंदी को लेकर अब तक ९ बार समीक्षा बैठक हुई है। इस बार जो समीक्षा बैठक हुई है‚ उसमें स्पष्टता के साथ हमने सारे अधिकारियों को कह दिया कि एक–एक चीज को देखिये। २६ तारीख को शराबबंदी को लेकर फिर एक बार शपथ ली जायेगी। शादी–विवाह के कार्यक्रमों में शराब को लेकर पुलिस की छापेमारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ लोग शादी के कार्यक्रम में भी शराब पिलाने का इंतजाम करते हैं। इस संबंध में सूचना मिलने पर ही पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। इसको लेकर किसी को भी चिंता नहीं करनी चाहिए। जो लोग शराब का सेवन नहीं करते हैं‚ उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है। पुलिस को शराब को लेकर कोई जानकारी मिली होगी‚ तभी उसी के आधार पर छापेमारी की गई होगी। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। समाचार में जो बातें सामने आती हैं‚ उन्हें लेकर हमारे कार्यालय के अधिकारी चर्चा करते हैं। शराबबंदी को लेकर प्रशासन को एक–एक चीज देखने की जिम्मेदारी दी गई है। शराब पीना और शराब उपलब्ध कराना दोनों गलत चीज है। यह अनैतिक और गैरकानूनी है। इस पर रोक लगाना और लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करना हमारा मकसद है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर पुलिस की छापेमारी से लोगों में भय नहीं‚ बल्कि खुशी है। शराबबंदी को लेकर पूरे राज्य में फिर से अभियान चलाया जायेगा। हमलोग खुद बिहार की विभिन्न जगहों पर जाकर लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करेंगे।
इससे लोगों में शराबबंदी के प्रति और जागरूकता आयेगी। नेता प्रतिपक्ष द्वारा बिहार सरकार पर लगाये गये आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को काम से कोई मतलब नहीं है। बिहार में कितना काम हो रहा है‚ यह सभी लोगों को पता है। विभिन्न विभागों के मंत्री भी अपने–अपने काम में लगे रहते हैं। आगे और कैसे बेहतर काम हो‚ इसको लेकर हमलोग विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि हर महीने के पहले तीन सोमवार को हम जनता से मिलकर उनकी शिकायतों का समाधान करते हैं। जनता की शिकायतों का अब तेजी से समाधान किया जा रहा है। जिन लोगों को बोलना है‚ वो बोलते रहेंे। इसको लेकर हमें कोई दिक्कत नहीं है। बोलने का अधिकार सभी को है‚ लेकिन काम करने की ड़़¬ूटी सिर्फ हमलोगों की है। यह हमलोगों का कर्तव्य है हमलोग अपने काम में लगे पडते हैं। कहा‚ लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करना मेरा मकसद॥ २६ नवम्बर को एक बार फिर लोगों को दिलायी जायेगी शपथ ॥ कुछ लोग शादी–विवाह में भी करते हैं शराब पिलाने का इंतजाम॥ इस संबंध में पुख्ता सूचना मिलने पर ही पुलिस ने की है कार्रवाई॥ शराब पीना और उपलब्ध कराना दोनों ही अनैतिक व गैरकानूनी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेडि़कल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) का पुनर्विकास कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण को पूरा करने को लेकर जो समय–सीमा निर्धारित की गयी है‚ उससे पहले पूर्ण करने के लिए योजनाबद्ध ढंग से तेजी से काम करें। इसके निर्माण के पूर्ण होने से लोगों को इलाज में और सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इंदिरा गांधी ¾दय रोग संस्थान के नवनिर्मित भवन का भी निरीक्षण किया। इस भवन में आधुनिक सुविधा मुहैया कराई जा रही है‚ जिसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उन्होंने एक–एक चीज की जानकारी ली और इसको जल्द से जल्द फंक्शनल करने का निर्देश दिया।
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पीएमसीएचके पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने पीएमसीएच रिडेवलपमेंट मास्टर प्लान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही फेज–१ के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की महीनावार निर्धारित लक्ष्य एवं उसकी प्रगति की जानकारी दी। फेज–१ पूरा होने के बाद २०२१ बेड की सुविधा लोगों को उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हमलोग नियमित रुप से प्रोजेक्ट का प्रोग्रेस रिव्यू करते हैं‚ ताकि निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण हो। इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने मुख्यमंत्री को पीएमसीएच के रिडेवलपमेंट भवन के मास्टर प्लान का प्रस्तावित मडल भेंट किया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे‚ पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय कुमार सिंह‚ अपर सचिव स्वास्थ्य कौशल किशोर‚ निदेशक ह्रदय रोग संस्थान सुनील कुमार‚ मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारीगण एवं पीएमसीएच के वरीय प्राध्यापक एवं चिकित्सक उपस्थित थे॥।







