लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद से एलजेपी के असली हकदार की लड़ाई जारी है। पार्टी अब दो गुटों में बंट गई है। केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस और जमुई के सांसद चिराग पासवान खुद को लोजपा का अध्यक्ष बता रहे हैं। मामला कोर्ट में भी गया पर दावेदारी की बात नहीं सुलझ सकी। अब बिहार की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर सबकी नजरें टिकीं हुई हैं। तारापुर एवं कुशेश्वरस्थान में इलेक्शन होना है। आखिर चुनाव आयोग लोजपा का सिंबल बंगला किसे देगा? गुरुवार को मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा है कि इसे लेकर कोई असमंजस नहीं है। चुनाव आयोग को सब पता है। ऐसे में चिराग के इस दावे से अब पशुपति कुमार पारस क्या करेंगे? इस पर सबकी नजरें हैं।
चिराग पासवान ने तारापुर एवं कुशेश्वरस्थान की दो सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान पहले ही कर दिया है। तारापुर से मेवालाल चौधरी और कुशेश्वरस्थान से शशिभूषण हजारी ने पिछले साल संपन्न हुए इलेक्शन में जीत दर्ज की थी। जदयू के दोनों विधायकों का असमय निधन हो गया था। अब इन दो सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), कांग्रेस और लोजपा नजर बनाए है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
चिराग अगर अपने उम्मीदवार उतारेंगे तो चुनाव आयोग बंगले का सिंबल किसे देगा? इस सवाल के जवाब में चिराग ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इसे लेकर कोई कन्फ्यूजन है। चुनाव आयोग के पास जानकारी है कि बंगला सिंबल किसे देना है। चिराग ने मीडिया कर्मियों से कहा कि आप चाहें तो आयोग से पूछ भी सकते हैं। विदित हो कि चिराग पहले ही कह चुके हैं कि उम्मीदवारों का चयन लगभग हो चुका है। पार्टी इलेक्शन लड़ने को लेकर समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा था कि पार्टी के संसदीय बोर्ड की ओर से जल्द उपचुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।







