मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि अगर कहीं सरकारी जमीन है‚ तो उसे देखकर वहां खुदाई की जाये‚ तो बहुत सारी चीजों की जानकारी मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को गुलजारबाग प्रेस भवन परिसर और बीएनआर टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज का निरीक्षण करने के क्रम में कही। उन्होंने पुरातात्विक खुदाई को लेकर विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ कई बिंदुओं पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिये। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र यही है‚ जो पटना साहिब कहलाता है। पुरातात्विक खुदाई को लेकर यहां से लोगों को विस्थापित करना संभव नहीं है। अगर कहीं सरकारी जमीन है तो उसको देखकर वहां कुछ खुदाई की जाय तो बहुत सारी चीजों की जानकारी मिल सकती है। अभी हाल ही में एक–दो जगह को आइडेंटीफाई किया गया है और उसी को हम देखने आये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पाटलिपुत्र है। यहां का इतिहास लगभग २ हजार वर्ष पुराना है।अगर एक बार यहां के बारे में कुछ पता चल जाये‚ तो यहां बहुत सारे टूरिस्ट आयेंगे। यहां का जो इतिहास है‚ वो और ज्यादा सार्वजनिक होगा। नई पीढ़ी के लोग और इसके बारे में ठीक से जानेंगे और देखेंगे। इसके लिए हमलोगों की इच्छा शुरू से रही है‚ लेकिन कहीं कोई जमीन नहीं रहने के कारण कुछ कर नहीं पा रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीएनआर टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज का निरीक्षण कर पुरातात्विक खुदाई को लेकर विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ कई बिंदुओं पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिये। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमने पुरातात्विक खुदाई को लेकर पहले ही बता दिया है कि जो सरकारी क्षेत्र है‚ वहां खुदाई कर सकते हैं‚ लेकिन यहां पर वह आये और परिसर को देखा।
प्रकाश पुंज के निरीक्षण के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका शिलान्यास वर्ष २०१७ के दिसंबर महीने में किया और २०१८ में काम शुरू हो गया। बिल्डिंग तैयार हो गई लेकिन चीजों को डिमोंस्ट्रेट करने के लिए जो तैयार करना है वो अब तक नहीं हुआ है। हम कार्य की प्रगति की जानकारी लेते रहते हैं। आज यहॉ आकर अधिकारियों से जानकारी ली है और उसके आलावा हमने भी कुछ सजेस्ट किया है। गुरुनानक देव जी सबसे पहले यहां आये थे उनका भी यह स्थान है। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का यहीं जन्म हुआ था। प्रकाश पुंज की बगल में लोगों के रहने के लिए प्रकाश भवन का इंतजाम किया गया है उसको भी हमने देखा है।अगर जनवरी तक यह तैयार हो जायेगा‚ तो लोगों को सुविधा होगी।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार‚ पटना के प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमारअग्रवाल‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ कला‚ संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी‚ जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह‚ वरीय पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा...







