पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम स्थित टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटका हुआ मिला है। आशीष बनर्जी की मौत की खबर मिलते ही हड़कंप मच गया है। पार्टी दफ्तर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बीरभूम जिले के रामपुरहाट शहर में उनके घर के बगल में ही टीएमसी का दफ्तर है, जहां फंदे से लटका उनका शव मिला। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
ममता बनर्जी सरकार में डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव टीएमसी कार्यालय में लटका मिला है. उनके आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही है. इस बीच उनके शव के साथ ही एक लेटर भी बरामद हुआ है. इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं बताया है. लेकिन एक चीज लेटर में ऐसी लिखी है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है. इस लेटर में आशीष ने राजनीति में आने पर दुख जताया है. इसके अलावा अपने परिवार के सदस्यों को भी उन्होंने सलाह दी है कि भविष्य में कभी राजनीति में न आएं.
आशीष बनर्जी ने अपने लेटर में लिखा कि उनके पास तारापीठ रामपुरहाट डिवेलपमेंट अथॉरिटी में कोई अधिकार नहीं थे. उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले में घसीटने की कोशिशें हुई हैं. उन्होंने लिखा कि मैंने शायद राजनीति में आकर ही गलती की थी. उन्होंने लिखा, ‘मेरे पास रामपुरहाट डिवेलपमेंट अथॉरिटी में सीधे तौर पर कोई जिम्मेदारी और अधिकार नहीं थे. मैं सिर्फ मीटिंग्स में जाया करता था. मैं टेंडर कमेटी में भी नहीं था. मेरे पास साइन चेक करने के अधिकार नहीं थे. मैं किसी प्लान को मंजूरी देने में शामिल नहीं था. इसके अलावा एनओसी भी नहीं दी थी.’
इन मामलों में मुझसे किसी ने सलाह भी नहीं दी थी. खुद को बदनाम करने वाली चीजों की मैंने निंदा भी की थी. इसके आगे उन्होंने लिखा, ‘आज मुझे लगता है कि राजनीति में आकर मैंने गलती की थी. मैं अपने परिवार की युवा पीढ़ी को सलाह दूंगा कि वे कभी राजनीति में न आएं. अपने ही पेशों पर फोकस करें.’ बता दें कि आशीष बनर्जी टीएमसी के एक कद्दावर नेता थे और पेशे से शिक्षक रहे थे. वह 2001 से 2026 तक रामपुरहाट विधानसभा सीट से विधायक रहे थे. वह ममता बनर्जी की कैबिनेट में भी रहे थे. स्कूल एजुकेशन और एग्रिकल्चर जैसे मंत्रालय उन्होंने संभाले थे. इसके अलावा ममता बनर्जी की पिछली सरकार में वह विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद पर थे.
रामपुर हाट से लगातार पांच बार एमएलए रहे
74 साल के बनर्जी TMC के सीनियर नेता थे। आशीष बनर्जी ने रामपुर हाट से 2001 से 2021 तक लगातार पांच बार जीत हासिल की थी। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार ध्रुबा साहा से करीब 24,000 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के मुताबिक, आशीष बनर्जी को 87,687 वोट मिले, जबकि साहा को 1,11,920 वोट मिले और वह रामपुरहाट सीट से जीते। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के हट्टालापारा मोहल्ले में रहते थे। पार्टी दफ्तर में शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
13वें डिप्टी स्पीकर के तौर पर काम किया
आशीष बनर्जी ने जुलाई 2021 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में 13वें डिप्टी स्पीकर के तौर पर काम किया। रामपुरहाट में जन्मे बनर्जी ने बर्दवान यूनिवर्सिटी से PhD की थी और रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया था।
ज़िला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा
आशीष बनर्जी ने जून में तृणमूल की बीरभूम ज़िला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, हालांकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह पार्टी के आम सदस्य बने रहेंगे। बता दें कि BJP ने हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में बीरभूम की 11 में से छह सीटें जीतीं। जबकि 2021 में तृणमूल ने बीरभूम ज़िले में BJP की एक सीट के मुकाबले 10 सीटें जीती थी।







