मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता मृत्युंजय तिवारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आरजेडी इस वक्त पूरी तरह खत्म होने के कगार पर खड़ी है. उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी के बचे हुए विधायकों में भारी असंतोष है और पार्टी के 15 से 16 विधायक कभी भी पाला बदल सकते हैं, जिससे आरजेडी के भीतर एक बड़ी टूट तय मानी जा रही है. उन्होंने दावा किया कि RJD में अब न नीति बची है, न नेतृत्व और न ही प्रभावी संगठन.
RJD के 25 विधायकों पर टूट का दावा
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद के 25 विधायक जीतकर सदन पहुंचे हैं. अब इन्हीं विधायकों को लेकर भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि आरजेडी के 15 से 16 विधायक कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं. दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब सत्ता पक्ष की ओर से आरजेडी विधायकों के टूटने का दावा किया गया है. इससे पहले भी बीजेपी नेताओं की ओर से आरजेडी विधायकों के संपर्क में होने के दावे सामने आते रहे हैं. दिसंबर 2025 में भी BJP नेता रामकृपाल यादव ने आरजेडी के सभी 25 विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने का दावा किया था.
RJD छोड़ते ही मृत्युंजय तिवारी का बदला तेवर
मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ता रहे हैं. बीते जुलाई में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देते हुए नेतृत्व पर उपेक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था. इसके कुछ ही दिनों बाद वह भाजपा में शामिल हो गए. बीजेपी में शामिल होने के बाद मृत्युंजय तिवारी ने राजद पर और तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी के पास अब न नीति है, न नेतृत्व और न ही ऐसा नेता जिसके भरोसे कार्यकर्ता पार्टी में टिके रहें. उनका कहना है कि ऐसे माहौल में कोई भी विधायक या कार्यकर्ता आरजेडी में क्यों रहना चाहेगा.
ओवैसी फैक्टर का भी किया जिक्र
मृत्युंजय तिवारी ने राजद के चुनावी समीकरण पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने RJD के मुस्लिम वोटों के समीकरण को प्रभावित किया है. बिहार विधानसभा में फिलहाल AIMIM के पांच विधायक हैं, जबकि RJD के पास 25 विधायक हैं. इसलिए आने वाले समय में विपक्षी वोटों का बंटवारा राजद के लिए एक अहम राजनीतिक चुनौती बना रह सकता है.
तेजस्वी के नेतृत्व पर भी उठे सवाल
बता दें कि राजद छोड़ने के समय भी मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि पार्टी में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है जो नेतृत्व की बात नहीं सुनते और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है. अब बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका हमला और ज्यादा राजनीतिक एवं तीखा हो गया है. अब तो उन्होंने आरजेडी के भविष्य को लेकर ही सवाल खड़ा कर दिया है.