बिहार में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. वहीं, मामले को लेकर जातीय और सामाजिक बहस भी तेज हो गई है. विभिन्न राजनीतिक दल एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक हुए कई एनकाउंटरों पर सवाल उठते रहे हैं. सभी मामलों की न्यायिक जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग समुदायों के लोगों के एनकाउंटर को अलग-अलग नजरिए से देखा जाता है, जो उचित नहीं है.
भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब किसी दलित व्यक्ति का एनकाउंटर होता है तो उसे नक्सलवाद से जोड़ दिया जाता है. वहीं अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति के मामले में आतंकवाद से संबंध की बात कही जाती है. वहीं, किसी सवर्ण व्यक्ति के एनकाउंटर के बाद उसे शहीद का दर्जा देने की मांग उठने लगती है. उन्होंने इसे दोहरी नीति बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जा सकती और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
उधर, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है. भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में सर्व समाज महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई. आरा में भी इस मुद्दे को लेकर महापंचायत आयोजित की गई.







