हायर एजुकेशन के लिए जब भी सबसे अच्छे देश को चुनने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम अमेरिका का ही आता है। यहां पर दुनिया की कुछ सबसे पुरानी यूनिवर्सिटीज हैं, जहां हाई-क्वालिटी और वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन मुहैया कराई जाती है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि हर तरह की रिसर्च के लिए भी अमेरिका को ही बेहतरीन माना जाता है। हालांकि, अब जब भी हायर एजुकेशन की बात होगी, तो आप अमेरिका का नाम नहीं लेंगे।
अब आप सोच रहे होंगे कि हम ये बात क्यों कर रहे हैं? दरअसल, साइंटिफिक रिसर्च और इनोवेशन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने हायर एजुकेशन सेक्टर में चीन के बढ़ते दबदबे को दिखाया है। हाल ही में नेचर इंडेक्स 2026 रिसर्च लीडर्स’ जारी हुआ, जिसमें चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी को पहला स्थान हासिल किया है। उसने दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी मानी जाने वाली हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिसर्च को लेकर जो नीतियां हैं, उसने अमेरिका को इस फील्ड में पीछे कर दिया है। ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड समेत कई सारे संस्थानों के लिए रिसर्च फंडिंग में कटौती की है। नेशनल साइंस फाउंडेशन की फंडिंग 30% कम कर दी गई है। सिर्फ इतना ही नहीं, संसद में गुजारिश की गई है कि साइंटिफिक रिसर्च की फंडिंग में 44 अरब डॉलर की कटौती भी की जाए। ये सारी नीतियां अमेरिका को रिसर्च की फील्ड में गड्ढे में ढकेलने जैसी हैं।
चीन का रिसर्च फील्ड में दबदबा
नेचर इंडेक्स की रैंकिंग ने रिसर्च फील्ड में चीन के बढ़ते दबदबे को भी दिखाया है। चीनी यूनिवर्सिटीज अब दुनियाभर में रिसर्च के लिए सबसे बेहतरीन संस्थान बन चुकी हैं। नेचर इंडेक्स 2026 की टॉप-10 लिस्ट में 9 चीन की यूनिवर्सिटीज हैं। अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लिस्ट में शामिल अमेरिका की इकलौती यूनिवर्सिटी है। इस तरह चीन ने अमेरिका को रिसर्च की फील्ड में पछाड़ दिया है। यह दिखाता है कि चीन किस तेजी से साइंटिफिक रिसर्च की ओर कदम बढ़ा रहा है।
| रैंक | यूनिवर्सिटी/संस्थान का नाम | देश |
| 1. | झेजियांग यूनिवर्सिटी | चीन |
| 2. | हार्वर्ड यूनिवर्सिटी | अमेरिका |
| 3. | सिंघुआ यूनिवर्सिटी | चीन |
| 4. | शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी | चीन |
| 5. | चीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी | चीन |
| 6. | पेकिंग यूनिवर्सिटी | चीन |
| 7. | यूनिवर्सिटी ऑफ चाइनीज अकेडमी ऑफ साइंस | चीन |
| 8. | नानजिंग यूनिवर्सिटी | चीन |
| 9. | सिचुआन यूनिवर्सिटी | चीन |
| 10. | फुडान यूनिवर्सिटी | चीन |
नेचर रैंकिंग क्यों मायने रखती है?
नेचर रैंकिंग उन लेखों के आधार पर यूनिवर्सिटीज का आकलन करता है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नेचर साइंस जर्नल में प्रकाशित होते हैं। चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी को 1276.85 का स्कोर मिला है। इसके साथ ही वह पहले स्थान पर रही है। 1259.01 के स्कोर के साथ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी दूसरे स्थान पर रही है। वैसे तो हार्वर्ड का स्कोर बढ़ा है, लेकिन चीन की यूनिवर्सिटी ने विकास दर को ज्यादा बरकरार रखा है। नेचर इंडेक्स की रैंकिंग देखने से ये भी मालूम चलता है कि अब रिसर्च का केंद्र पश्चिम से पूर्व के देशों की ओर मोड़ा जा रहा है।
रिसर्च की फील्ड में चीन ने ये दबदबा ऐसे ही हासिल नहीं किया है। जहां अमेरिका में टॉप संस्थानों की फंडिंग कम की जा रही है, वहीं चीन में इसका उल्टा हो रहा है। चीन की सरकार ने साइंस और इनोवेशन की फील्ड में फंडिंग को 10% की रफ्तार से बढ़ाने का वादा किया है। मार्च में बताया गया कि चीन 2026 में साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास के लिए केंद्रीय सरकार से लगभग 62 अरब डॉलर देगा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 10% ज्यादा है, जबकि बुनियादी रिसर्च के लिए मिलने वाली फंडिंग में 16.3% की बड़ी बढ़ोतरी होगी।







