ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस्लामिक देशों से एक ‘नए रीजनल सिक्योरिटी आर्किटेक्चर’ बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कहा ‘ईरान ने इस्लामिक देशों की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है जिसमें पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की शामिल हैं ताकि आपसी समझ को बढ़ावा दिया जा सके और नए रीजनल सिक्योरिटी आर्किटेक्चर की नींव रखी जा सके।’ आपको बता दें कि पाकिस्तान, सऊदी, मिस्र और तुर्की जैसे देश पिछले कुछ महीनों ने ‘इस्लामिक नाटो’ बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं और मसूद पेजेश्कियन के बयान का साफ मतलब है कि ईरान भी इसमें शामिल होना चाहता है।
मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने मुस्लिम देशों से एक ‘संयुक्त मोर्चा’ बनाने का आह्वान किया और एक नए क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के लिए ‘दोस्ती का हाथ’ बढ़ाया। ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की एक दिन की आधिकारिक यात्रा के दौरान ये बातें कहीं हैं। यह यात्रा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर की गई थी। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास पर बैठक की जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई।
ईरान ने ‘इस्लामिक नाटो’ बनाने का किया आह्वान
शहबाज शरीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज, राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और फील्ड मार्शल असिम मुनीर के साथ ‘रचनात्मक बैठकें और चर्चांएं’ कीं हैं। पेज़ेशकियन ने कहा कि दोनों पड़ोसी देश ‘मौजूदा सकारात्मक माहौल का इस्तेमाल करके एक नए युग की शुरुआत करने, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय खोलने और साझा हितों के आधार पर सहयोग के नए रास्ते और अवसर तलाशने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’
उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है ‘पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी के रणनीतिक इलाके में शांति, स्थिरता, टिकाऊ सुरक्षा, विकास और देशों की भलाई तभी पक्की की जा सकती है जब इलाके के देशों के बीच आपसी सम्मान पर आधारित सीधी और ईमानदार बातचीत, आपसी सहयोग और मेल-जोल हो।’ ईरानी राष्ट्रपति ने कहा ‘मेरा मानना है कि मुसलमानों को अपने दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।’
अल्लामा इकबाल के शेर से शुरू किया भाषण
ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अपने भाषण की शुरुआत मशहूर शायर अल्लामा इक़बाल की पंक्तियों से की जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे मुस्लिम देशों के बीच एकता को प्रेरित करती रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा ‘पाकिस्तान हमारे लिए सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं है। यह एक भाई जैसा और दोस्ताना देश है और एक अच्छा साथी रहा है। दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और जन-संबंध रहे हैं और इन संबंधों ने हमारे देशों को करीब लाया है।’
वहीं शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने ‘बहुत ही दोस्ताना माहौल में बहुत सार्थक बातचीत’ की है। उन्होंने कहा ‘यह किसी पारिवारिक मिलन जैसा था और भाई पूरी स्पष्टता और पक्के इरादे के साथ एक-दूसरे से बात कर रहे थे कि हम अपने भाई जैसे रिश्तों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।’ उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद और तेहरान ‘मुश्किल समय में हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं और हाल की घटनाओं ने एक बार फिर बिना किसी शक के इस भाईचारे, दोस्ती और साझेदारी की मजबूती को साबित कर दिया है।’







