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क्या है पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस …………..

UB India News by UB India News
June 25, 2026
in अपराध, खास खबर, महाराष्ट्र
0
क्या है पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस …………..

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प्यार, भरोसा, सगाई, जन्मदिन की तैयारी और कुछ ही महीनों बाद होने वाली शाही शादी. बाहर से देखने पर यह कहानी किसी सपनों जैसी जिंदगी की लगती है. लेकिन पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने इस कहानी के पीछे छिपे एक ऐसे अंधेरे को सामने ला दिया, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है. 26 साल के केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ नवंबर 2026 में शादी के बंधन में बंधने वाले थे. परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था. लग्जरी होटल बुक हो चुके थे, मेहमानों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे थे और केतन अपनी होने वाली पत्नी के जन्मदिन को यादगार बनाने में लगा था. लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि जिस जन्मदिन की तैयारी वह कर रहा है, उसी के बहाने उसे मौत के मुहाने तक ले जाया जाएगा. पुलिस जांच के मुताबिक यह कोई हादसा नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश थी, जिसमें उसकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने अहम भूमिका निभाई.
18 जून को लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर जो हुआ, उसने महाराष्ट्र सहित पूरे देश को हिला दिया. शुरुआती कहानी यह थी कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी बदलती गई. मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने इस मामले को एक हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में बदल दिया. अब पुलिस के जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया.

कौन था केतन अग्रवाल, जिसकी मौत ने खड़ा कर दिया बड़ा सवाल?

  • केतन अग्रवाल पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे थे. वह परिवार के कंस्ट्रक्शन बिजनेस में डायरेक्टर के रूप में काम करते थे और बोस्टन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके थे. फरवरी 2026 में उनकी सगाई सिया गोयल से हुई थी. यह रिश्ता रिश्तेदारों के माध्यम से तय हुआ था. नवंबर में भव्य शादी की तैयारियां चल रही थीं. परिवार के मुताबिक केतन इस रिश्ते को लेकर गंभीर थे और शादी के बाद नई जिंदगी शुरू करने के सपने देख रहे थे.
  • सगाई के बाद दोनों अक्सर साथ घूमते थे. सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें और वीडियो दिखाई देते थे. बाहर से रिश्ता सामान्य और खुशहाल लगता था. लेकिन बाद में सामने आया कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी और वह किसी और के साथ रिश्ते में थी. यही बात आगे चलकर पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई.
  • पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि केतन को कुछ समय से सिया के व्यवहार पर संदेह होने लगा था. उसने अपने परिवार से पूछा था कि क्या सिया की पूरी बैकग्राउंड की जांच की गई है. FIR के अनुसार केतन ने यह भी बताया था कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और बातचीत के दौरान वह कई बार चेतन चौधरी नाम के व्यक्ति का जिक्र करती थी.

सिया गोयल कौन है?

  • सिया गोयल पुणे के मार्केटयार्ड क्षेत्र की रहने वाली 20 साल की युवती है. वह केतन की मंगेतर थी. पुलिस के अनुसार सिया पिछले करीब एक साल से चेतन चौधरी के साथ रिलेशनशिप में थी. इसके बावजूद उसकी सगाई केतन से कर दी गई. जांच एजेंसियों का मानना है कि सिया इस शादी को लेकर सहज नहीं थी और वह केतन से छुटकारा पाना चाहती थी.
  • घटना के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट भी डाली. उसने लिखा कि जन्मदिन पर केतन उसे छोड़कर चला गया और वापस आ जाए. लेकिन पुलिस के अनुसार यही व्यवहार बाद में उसके खिलाफ संदेह की वजह बना. पुलिस को लगा कि वह सहानुभूति जुटाने की कोशिश कर रही थी.

चेतन चौधरी कौन है और कैसे आया जांच के घेरे में?

चेतन बाबूलाल चौधरी पुणे के कोंढवा इलाके का रहने वाला 22 साल का युवक है. पुलिस के अनुसार वह सिया का प्रेमी है. जांच में सामने आया कि दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और शादी नहीं होने देने को लेकर चर्चा करते थे. सबसे बड़ा सुराग तब मिला जब सीसीटीवी फुटेज में चेतन दिखाई दिया. पुलिस के मुताबिक वह घटना वाले दिन गर्मी के मौसम में हूडी पहनकर लोहागढ़ किले के आसपास घूम रहा था. उसने अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया था ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके. लेकिन टोल प्लाजा और आसपास लगे कैमरों में उसकी तस्वीरें रिकॉर्ड हो गईं. यही फुटेज बाद में जांच का अहम आधार बनी.

लोहागढ़ किले की तीन बार हुई रेकी

पुलिस जांच के अनुसार लोहागढ़ किला अचानक नहीं चुना गया था. आरोप है कि सिया लगातार वहां जाने की जिद कर रही थी. परिवार के अनुसार 31 मई और 14 जून को भी दोनों वहां जा चुके थे. जांच में यह बात सामने आई कि इन यात्राओं के दौरान इलाके की रेकी की गई थी. पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने पहले सुरक्षित स्थान और मौके की तलाश की. 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास हुआ, लेकिन वह सफल नहीं हो सका. इसके बाद जन्मदिन से एक दिन पहले 18 जून को अंतिम योजना पर अमल किया गया.
घटना के बाद सिया ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की.

जन्मदिन का बहाना और मौत की साजिश

  • FIR के मुताबिक 17 जून को सिया ने केतन को फोन कर अपने जन्मदिन से पहले लोहागढ़ किला चलने की जिद की. शुरुआत में केतन की मां ने इसका विरोध किया था. लेकिन सिया के लगातार अनुरोध के बाद परिवार ने अनुमति दे दी.
  • 18 जून की सुबह करीब 8:20 बजे केतन घर से निकला. वह अपनी कार से किवले ब्रिज के पास सिया से मिला और दोनों लोहागढ़ के लिए रवाना हो गए. पुलिस का दावा है कि चेतन पहले से वहां मौजूद था. एक सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद केतन पर हमला किया गया और फिर उसे करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया.
  • घटना के बाद सिया ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की. उसने कहा कि फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया था. लेकिन बाद में तकनीकी सबूतों और पूछताछ ने इस कहानी को कमजोर कर दिया.

पुलिस ने कैसे सुलझाई पूरी मर्डर मिस्ट्री?

  • पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार जांच के दौरान कई अहम सबूत मिले. कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयान ने घटनाक्रम को जोड़ने में मदद की.
  • एसएसपी संदीप सिंह गिल के मुताबिक, ‘जांच के दौरान यह साफ हो गया कि चेतन चौधरी भी वारदात वाली लोकेशन पर मौजूद था और दोनों आरोपियों ने केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने तथा उसे अंजाम देने की बात स्वीकार की है.’
  • पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है और जांच अभी जारी है.
केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा क्यों माना गया?
शुरुआत में सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया. घटनास्थल भी पहाड़ी इलाका था, इसलिए शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया. लेकिन बाद में तकनीकी जांच और सबूतों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया.
पुलिस को सबसे बड़ा सुराग क्या मिला?
पुलिस को सबसे बड़ा सुराग सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा से मिला. चेतन चौधरी का मोबाइल घर पर था, लेकिन वह कैमरों में कैद हो गया. साथ ही कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा ने भी आरोपियों की मौजूदगी और संपर्क को साबित करने में मदद की.
क्या केतन को पहले से किसी साजिश का शक था?
FIR के अनुसार केतन ने परिवार से कहा था कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता है और वह चेतन चौधरी का नाम लेती रहती है. उसने सिया की पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठाए थे. हालांकि परिवार ने उसे भरोसा दिलाया था कि सब ठीक है.
लोहागढ़ किला इस साजिश में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
जांच के अनुसार आरोपियों ने इस स्थान की कई बार रेकी की थी. यह इलाका गहरी खाइयों और कम भीड़ वाले हिस्सों के कारण अपराध को हादसा दिखाने के लिए उपयुक्त माना गया. इसी वजह से बार-बार यहां जाने की जिद की गई.
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है. यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी साजिश में भूमिका थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अदालत में चलेगा और वहीं आरोपियों की अंतिम कानूनी जिम्मेदारी तय होगी.
प्यार, भरोसा, सगाई, जन्मदिन की तैयारी और कुछ ही महीनों बाद होने वाली शाही शादी. बाहर से देखने पर यह कहानी किसी सपनों जैसी जिंदगी की लगती है. लेकिन पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने इस कहानी के पीछे छिपे एक ऐसे अंधेरे को सामने ला दिया, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है. 26 साल के केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ नवंबर 2026 में शादी के बंधन में बंधने वाले थे. परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था. लग्जरी होटल बुक हो चुके थे, मेहमानों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे थे और केतन अपनी होने वाली पत्नी के जन्मदिन को यादगार बनाने में लगा था. लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि जिस जन्मदिन की तैयारी वह कर रहा है, उसी के बहाने उसे मौत के मुहाने तक ले जाया जाएगा. पुलिस जांच के मुताबिक यह कोई हादसा नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश थी, जिसमें उसकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने अहम भूमिका निभाई.
18 जून को लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर जो हुआ, उसने महाराष्ट्र सहित पूरे देश को हिला दिया. शुरुआती कहानी यह थी कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी बदलती गई. मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने इस मामले को एक हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में बदल दिया. अब पुलिस के जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया.

कौन था केतन अग्रवाल, जिसकी मौत ने खड़ा कर दिया बड़ा सवाल?

  • केतन अग्रवाल पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे थे. वह परिवार के कंस्ट्रक्शन बिजनेस में डायरेक्टर के रूप में काम करते थे और बोस्टन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके थे. फरवरी 2026 में उनकी सगाई सिया गोयल से हुई थी. यह रिश्ता रिश्तेदारों के माध्यम से तय हुआ था. नवंबर में भव्य शादी की तैयारियां चल रही थीं. परिवार के मुताबिक केतन इस रिश्ते को लेकर गंभीर थे और शादी के बाद नई जिंदगी शुरू करने के सपने देख रहे थे.
  • सगाई के बाद दोनों अक्सर साथ घूमते थे. सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें और वीडियो दिखाई देते थे. बाहर से रिश्ता सामान्य और खुशहाल लगता था. लेकिन बाद में सामने आया कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी और वह किसी और के साथ रिश्ते में थी. यही बात आगे चलकर पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई.
  • पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि केतन को कुछ समय से सिया के व्यवहार पर संदेह होने लगा था. उसने अपने परिवार से पूछा था कि क्या सिया की पूरी बैकग्राउंड की जांच की गई है. FIR के अनुसार केतन ने यह भी बताया था कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और बातचीत के दौरान वह कई बार चेतन चौधरी नाम के व्यक्ति का जिक्र करती थी.

सिया गोयल कौन है?

  • सिया गोयल पुणे के मार्केटयार्ड क्षेत्र की रहने वाली 20 साल की युवती है. वह केतन की मंगेतर थी. पुलिस के अनुसार सिया पिछले करीब एक साल से चेतन चौधरी के साथ रिलेशनशिप में थी. इसके बावजूद उसकी सगाई केतन से कर दी गई. जांच एजेंसियों का मानना है कि सिया इस शादी को लेकर सहज नहीं थी और वह केतन से छुटकारा पाना चाहती थी.
  • घटना के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट भी डाली. उसने लिखा कि जन्मदिन पर केतन उसे छोड़कर चला गया और वापस आ जाए. लेकिन पुलिस के अनुसार यही व्यवहार बाद में उसके खिलाफ संदेह की वजह बना. पुलिस को लगा कि वह सहानुभूति जुटाने की कोशिश कर रही थी.

चेतन चौधरी कौन है और कैसे आया जांच के घेरे में?

चेतन बाबूलाल चौधरी पुणे के कोंढवा इलाके का रहने वाला 22 साल का युवक है. पुलिस के अनुसार वह सिया का प्रेमी है. जांच में सामने आया कि दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और शादी नहीं होने देने को लेकर चर्चा करते थे. सबसे बड़ा सुराग तब मिला जब सीसीटीवी फुटेज में चेतन दिखाई दिया. पुलिस के मुताबिक वह घटना वाले दिन गर्मी के मौसम में हूडी पहनकर लोहागढ़ किले के आसपास घूम रहा था. उसने अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया था ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके. लेकिन टोल प्लाजा और आसपास लगे कैमरों में उसकी तस्वीरें रिकॉर्ड हो गईं. यही फुटेज बाद में जांच का अहम आधार बनी.

लोहागढ़ किले की तीन बार हुई रेकी

पुलिस जांच के अनुसार लोहागढ़ किला अचानक नहीं चुना गया था. आरोप है कि सिया लगातार वहां जाने की जिद कर रही थी. परिवार के अनुसार 31 मई और 14 जून को भी दोनों वहां जा चुके थे. जांच में यह बात सामने आई कि इन यात्राओं के दौरान इलाके की रेकी की गई थी. पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने पहले सुरक्षित स्थान और मौके की तलाश की. 14 जून को भी कथित तौर पर एक प्रयास हुआ, लेकिन वह सफल नहीं हो सका. इसके बाद जन्मदिन से एक दिन पहले 18 जून को अंतिम योजना पर अमल किया गया.
घटना के बाद सिया ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की.

जन्मदिन का बहाना और मौत की साजिश

  • FIR के मुताबिक 17 जून को सिया ने केतन को फोन कर अपने जन्मदिन से पहले लोहागढ़ किला चलने की जिद की. शुरुआत में केतन की मां ने इसका विरोध किया था. लेकिन सिया के लगातार अनुरोध के बाद परिवार ने अनुमति दे दी.
  • 18 जून की सुबह करीब 8:20 बजे केतन घर से निकला. वह अपनी कार से किवले ब्रिज के पास सिया से मिला और दोनों लोहागढ़ के लिए रवाना हो गए. पुलिस का दावा है कि चेतन पहले से वहां मौजूद था. एक सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद केतन पर हमला किया गया और फिर उसे करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया.
  • घटना के बाद सिया ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की. उसने कहा कि फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया था. लेकिन बाद में तकनीकी सबूतों और पूछताछ ने इस कहानी को कमजोर कर दिया.

पुलिस ने कैसे सुलझाई पूरी मर्डर मिस्ट्री?

  • पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार जांच के दौरान कई अहम सबूत मिले. कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयान ने घटनाक्रम को जोड़ने में मदद की.
  • एसएसपी संदीप सिंह गिल के मुताबिक, ‘जांच के दौरान यह साफ हो गया कि चेतन चौधरी भी वारदात वाली लोकेशन पर मौजूद था और दोनों आरोपियों ने केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने तथा उसे अंजाम देने की बात स्वीकार की है.’
  • पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है और जांच अभी जारी है.
केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा क्यों माना गया?
शुरुआत में सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया. घटनास्थल भी पहाड़ी इलाका था, इसलिए शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया. लेकिन बाद में तकनीकी जांच और सबूतों ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया.
पुलिस को सबसे बड़ा सुराग क्या मिला?
पुलिस को सबसे बड़ा सुराग सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा से मिला. चेतन चौधरी का मोबाइल घर पर था, लेकिन वह कैमरों में कैद हो गया. साथ ही कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा ने भी आरोपियों की मौजूदगी और संपर्क को साबित करने में मदद की.
क्या केतन को पहले से किसी साजिश का शक था?
FIR के अनुसार केतन ने परिवार से कहा था कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता है और वह चेतन चौधरी का नाम लेती रहती है. उसने सिया की पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठाए थे. हालांकि परिवार ने उसे भरोसा दिलाया था कि सब ठीक है.
लोहागढ़ किला इस साजिश में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
जांच के अनुसार आरोपियों ने इस स्थान की कई बार रेकी की थी. यह इलाका गहरी खाइयों और कम भीड़ वाले हिस्सों के कारण अपराध को हादसा दिखाने के लिए उपयुक्त माना गया. इसी वजह से बार-बार यहां जाने की जिद की गई.
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है. यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी साजिश में भूमिका थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला अदालत में चलेगा और वहीं आरोपियों की अंतिम कानूनी जिम्मेदारी तय होगी.
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