मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी आज पटना स्थित बिहार क़ृषि प्रबंधन विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पष्चिम बंगाल के तारकेष्वर, हुगली में आयोजित विष्व की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी0बी0टी0) योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डी0बी0टी0 के माध्यम से 18,880 करोड़ रूपये से अधिक की सम्मान राशि सीधे हस्तांतरित की। बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के खाते में 1,463 करोड़ रूपये की राषि डी0बी0टी0 के माध्यम से हस्तांतरित की गयी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना/ पुनर्गठित मौसम आधारित फ़सल बीमा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन एवं प्रधानमंत्री धन-धान्य क़ृषि योजना (पष्चिम बंगाल) का भी शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बिहार के किसानों क़ो क़ृषि कार्य हेतु 64 पैसे प्रति यूनिट बिजली मुहैया कराई जा रहा है। सोलर पम्प स्टोरेज सिस्टम से किसानों क़ो बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम कुसुम योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक लगभग 55 लाख किसानों का फार्मर आई0डी0 बनकर तैयार हो गया है, इससे किसानों की जमीन चिन्हित होने के साथ-साथ उन्हें आर्गेनाइज्ड करने में मदद मिलेगी। पीएम किसान सम्मान निधि से बिहार के 73 लाख किसान लाभवित हो रहे हैं।
प्राकृतिक खेती क़ो बढ़ावा देने के लिए 800 जीविका दीदियों क़ो क़ृषि सखी बनाया गया है जो लोगों क़ो प्राकृतिक खेती करने के लिये उन्हें प्रेरित करेंगी तथा प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभ के प्रति किसानों को जागरूक करेगी। बिहार में पिछले दो दशक में सिंचित भूमि 22 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गया है। राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि को आधुनिक बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सषक्त करने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से 3 लाख 25 हजार 551 आवदेनों में से 2 लाख 75 हजार से अधिक आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। इनमें 9 हजार पदाधिकारियों को पहला नोटिस, 350 पदाधिकारियों को दूसरा नोटिस, जबकि एक पदाधिकारी को तीसरा नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि निष्पदित 7000 आवेदनों में दिए गए आदेश की समीक्षा करायी जायेगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश क़ो अनुमण्डलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी के आदेश क़ो जिलाधिकारी और जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश क़ो प्रमंडलीय आयुक्त समीक्षा करेंगे ताकि जनता क़ो सौ फीसदी न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि क़ृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन के साथ होर्टिकल्चर और आर्गेनिक खेती पर फोकस करना होगा। किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए हमें पारम्परिक खेती की जगह समेकित खेती क़ो बढ़ावा देना होगा। इस दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 45,000 गांवों में किसानों के उत्पाद क़ो मार्केट उपलब्ध कराने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि उन्हें उचित कीमत मिल सके। किसानों के उत्पाद क़ो अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रति महिला 2 लाख 10 हजार रूपये की सहायता सरकार को देनी है। प्रथम किष्त के रूप में 10 हजार रुपये दिये गये हैं, जल्द ही दूसरी किष्त दी जाएगी। बिहार में 48 लाख लखपति दीदी हैं। अगले 2 वर्षाे में 1 करोड़ जीविका दीदियों क़ो लखपति दीदी बनाया जायेगा। जीविका दीदियों क़ो ऋण प्राप्त करने हेतु जीविका निधि बैंक बनाया गया है ताकि उन्हें आर्थिक मदद के लिए भटकना नहीं पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग सबसे महँगी बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं क़ो सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। बिजली उपभोक्ताओं क़ो देश में सबसे अधिक 23,000 करोड़ रुपये अनुदान देने वाला राज्य बिहार है। बिहार के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं क़ो 125 यूनिट मुफ्त बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति में काफ़ी सहायता मिल रही है। राज्य में 1 जून से 30 जून तक खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाआंे के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिये किसान पंजीकरण, भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। मैं पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अपनी शुभकामनायंे देता हूं।
कार्यक्रम को विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेष्वर लाल ने भी संबोधित किया। कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, कृषि विभाग के निदेषक श्री सौरभ सुमन यादव, कृषि विभाग के विषेष सचिव डाॅ0 वीरेन्द्र प्रसाद यादव सहित कृषि विभाग, बामेती एवं संबंधित विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।







