बिहार में बंगला को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक बवाल थम नहीं रहा है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने के लिए तीन नोटिस दे चुकी है। दूसरी ओर NDA में शामिल दलों के नेताओं को दो-दो बंगले दिए गए हैं। पूर्व सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन गए। उन्हें लुटियंस दिल्ली के 9 सुनहरी बाग में टाइप-8 का बंगला मिला है। वहीं, बिहार में भी सरकार ने 7 सर्कुलर रोड बंगला दिया है। इसी तरह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार सरकार से 3 टेलर रोड आवास मिला हुआ है। वहीं, दिल्ली में उन्हें केंद्र सरकार ने 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर टाइप-8 का बंगला दिया है।
बिहार सरकार की मेहरबानी पर कौन से सांसद और विधायक सरकारी कोठी का लूफ्त उठा रहें हैं।
बिहार में NDA के 10 नेताओं को मंत्री वाली कोठी मिली है। ये नेता तीन से चार हजार स्क्वायर फीट में फैले आलीशान बंगले में रह रहे हैं। इसके बदले सरकार को करीब 2000 रुपए प्रति महीना किराया दे रहे हैं।
भवन निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार ने सरकारी आवास का नया रेंट तय किया है। इसे 36 पैसा प्रति वर्ग फीट से बढ़ाकर 50 पैसा प्रति वर्ग फीट कर दिया है। इस रेट के आधार पर भी देखें तो 4000 स्क्वायर फीट के बंगले का किराया 2000 रुपए होगा।
NDA के नेताओं पर मेहरबानी दिखा रही बिहार सरकार
बिहार सरकार NDA के नेताओं पर मेहरबानी दिखा रही है। दो-दो पूर्व मुख्यमंत्री, तीन राज्यसभा सदस्य, दो लोकसभा सदस्य, तीन पूर्व मंत्री और तीन विधायक को मंत्रियों के रहने के लिए बनी सरकारी कोठी दी गई है।
सरकार ने कुछ मामले में बचने का तरीका निकाला है। भवन निर्माण विभाग के सूत्रों की मानें तो कुछ नेता सरकारी रेंट चुकाकर मंत्री कोठी का सुख भोग रहें हैं तो कुछ दूसरे के नाम पर अलॉट हुए बंगला में रह रहे हैं।
नीतीश कुमार से देवेश चंद्र ठाकुर तक, इन 5 सांसदों को बिहार सरकार ने दिया मंत्री वाला बंगला
1. नीतीश कुमार: सरकार का तर्क Z+ सुरक्षा के चलते बंगला दिया
राज्यसभा सदस्य और पूर्व सीएम नीतीश कुमार को सरकार ने 7 सर्कुलर रोड बंगला दिया है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि नीतीश को Z+ सुरक्षा दी गई है। इस वजह से सरकारी आवास की सुविधा मिली है।
इस बंगला में नीतीश पूर्व सीएम और बतौर सीएम दोनों स्थिति में रहे हैं। मई 2014 में जीतन राम मांझी को सीएम बनाने के बाद नीतीश इस घर में रहे थे। बाद में सीएम आवास 1 अणे मार्ग के रेट्रोफिटिंग के वक्त भी नीतीश ने इस आवास से सरकार चलाई थी।
2. नितिन नवीन: पटना में अपना घर, फिर भी रखे हैं सरकारी बंगला
राज्यसभा सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास पटना में अपना मकान है। इसके बाद भी वह सरकारी आवास 3 टेलर रोड में रहते हैं। यह चितकोहरा पुल के पास है। मंत्री पद त्यागने के बाद भी अभी तक उनके नाम से यह आवास अलॉट है।
इस आवास में वह लंबे समय से रह रहे हैं। भवन निर्माण विभाग की मानें तो वह मंत्री पद त्यागने से लेकर छह महीने तक सरकारी आवास में बने रह सकते हैं। नितिन नवीन ने 16 दिसंबर 2025 को बिहार सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
3. संजय झा: दिल्ली-पटना दोनों जगह बंगला
राज्यसभा सांसद और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को दिल्ली में केंद्र सरकार ने बंगला दिया है। वह पटना में 11 स्टैंड रोड में रहते हैं। सरकारी बंगले पर अपना नेम प्लेट नहीं लगाया है।
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों की मानें तो यह बंगला एमएलसी संजय कुमार सिंह (गांधी जी) के नाम पर आवंटित है, लेकिन रहते संजय झा हैं।
बिहार की सियासत में जदयू के संजय गांधी भी अजीब कैरेक्टर हैं। यह अपना आवास दूसरे नेता को देकर रखते हैं। पहले इनके नाम से आवंटित सरकारी आवास 7 स्टैंड रोड में जदयू के पूर्व सीनियर नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह रहते थे।
4. उपेंद्र कुशवाहा: पार्टी देती है बंगले का किराया
RLM (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) के प्रमुख व राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा अपने पूरे परिवार के साथ 24 स्टैंड रोड आवास में रहते हैं।
सरकार ने बंगला RLM पार्टी के नाम से अलॉट किया है। राज्य सरकार को RLM किराया देती है। कुशवाहा को दिल्ली में बंगला नंबर 1, तालकटोरा रोड मिला हुआ है।
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को 12 सर्कुलर रोड आवास मिला है।
5. देवेश चंद्र ठाकुर: दिल्ली-पटना दोनों जगह बंगला
सीतामढ़ी से लोकसभा सांसद और जेडीयू नेता देवेश चंद्र ठाकुर को बिहार सरकार ने पटना के पीर अली मार्ग में 1 टेलर रोड बंगला दिया है। यह पटना एयरपोर्ट के पास है। विधान परिषद के पूर्व सभापति रहने के दौरान उन्हें यह बंगला आवंटित हुआ था।
सांसद बनने के बाद भी उसी आवास में रह रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार को किराया दे रहे हैं। इन्हें दिल्ली में केंद्र सरकार ने 12 विंडसर प्लेस बंगला दिया है।
इन 5 विधायकों पूर्व विधायकों के पास है मंत्री वाला बंगला
1. करणजीत सिंह, विधायक
बिहार के दरौंदा से बीजेपी विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह को मंत्री कोटे का 20 हार्डिंग रोड बंगला मिला है।
2. राजू सिंह, पूर्व मंत्री
डॉ. राजू कुमार सिंह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। पूर्व मंत्री हैं। सम्राट सरकार में इन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। 11/13 मैंगल्स रोड सरकारी आवास दिया गया है।
3. मनोरमा देवी, विधायक
गयाजी जिले के बेलागंज से जदयू की विधायक मनोरमा देवी को पटना में 20 /बी, हार्डिंग रोड बंगला मिला है।
4. कृष्ण कुमार मंटू, पूर्व मंत्री
बिहार सरकार के पूर्व इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्री और अमनौर से भाजपा विधायक कृष्ण कुमार मंटू को 17 हार्डिंग रोड आवास दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने दिसंबर 2021 में इस सरकारी बंगले का आवंटन किया था।
5. ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, पूर्व विधायक
पटना के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू 23/10 हार्डिंग रोड बंगला में रहते हैं। 2025 के चुनाव में भाजपा ने इनका टिकट काट दिया था। वह इस क्षेत्र से लगातार 4 बार विधायक बने थे। विधायकी खत्म होने के बाद भी मंत्री वाले सरकारी बंगले का आनंद ले रहे हैं।
सीनियर विधायकों को बिहार सरकार देती है बड़ी कोठी
बिहार सरकार की नई नीति के तहत 6 या इससे अधिक बार चुनाव जीतने वाले विधायकों को पटना के वीआईपी इलाकों में बड़ी कोठी देने का प्रावधान किया गया। लगातार कई बार चुनाव जीतकर आने वाले इन सीनियर विधायकों के सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आवास नीति में बदलाव किए थे।
- बिहार में मंत्रियों और विधायकों को 2-2 सरकारी आवास दिए जाने की नीति को जनवरी 2026 में कैबिनेट से पास कराया गया था। इसमें मंत्रियों को सरकारी काम में सुविधा के लिए आवास देने का प्रावधान किया गया।
- इसके तहत मंत्रियों को भवन निर्माण विभाग की तरफ से मंत्रियों के लिए आवंटित आवास के अलावा, उनके क्षेत्र के लिए आवंटित आवास भी दिया गया। इसके लिए एक तय राशि देनी होगी।
- इसके अलावा विधानसभा, विधान परिषद के वरिष्ठ सदस्यों (जो मंत्री नहीं हैं) को भी दो आवास मिल रहा है। इस तरह के कुल 15 बंगलों को चिन्हित किया गया है।







