प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर ओडिशा पहुंचे। पीएम का हेलिकॉप्टर पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरबेस से मयूरभंज जिले के पहाड़पुर हेलीपैड पर पहुंचा। राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद मोदी, मुख्यमंत्री माझी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ससुराल वाले गांव पहाड़पुर पहुंचे। यहां राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री एक साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 67वां जन्मदिन भी है।
दोपहर 1 बजे पीएम और राष्ट्रपति राज्य में BJP सरकार के दो साल पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान एनर्जी, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, पीने का पानी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म और सिंचाई से जुड़े ₹47,600 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से ओडिशा पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ओडिशा पहुंची थीं। वे पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से हेलिकॉप्टर लेकर ओडिशा आने वाली थीं। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।
इसके कारण उन्हें सड़क मार्ग से ओडिशा आना पड़ा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार रात रायरंगपुर स्थित अपने आवास पर रुकी थीं। शनिवार सुबह पहाड़पुर पहुंचीं। यहां उनके जन्मदिन पर लोगों ने फूल देकर, पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया।
प्रोजेक्ट्स जिनका उद्घाटन करेंगे, नींव रखेंगे पीएम मोदी
- 600 मेगावाट का अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट और IB थर्मल पावर स्टेशन का स्टेज-II विस्तार होगा। जिसमें 660 मेगावाट्स की दो यूनिट होंगी।
- झारसुगुडा के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) प्रोजेक्ट की भी आधारशिला रखी जाएगी।
- भुवनेश्वर में 300 टन म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, कटक-भुवनेश्वर को जोड़ने वाला काठाजोड़ी नदी ब्रिज शामिल है।
- बौध में ढालपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण, NH-353 के नुआपाड़ा-घाटीपाड़ा सेक्शन को फोरलेन बनाना, कुसुमडीही मेगा लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्ट शामिल है।
- इसके अलावा IGNOU का रीजनल सेंटर और रायरंगपुर में एक इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स की नींव रखी जाएगी।
- 732 करोड़ रुपए से ज्यादा लागत वाले दो अहम मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स भी देश को समर्पित किए जाएंगे।
- हिंडोल रोड-मेरामांडली मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया जाएगा। 27 किमी लंबे इस रेलवे प्रोजेक्ट को 409 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया था।
- बौध में 300 बिस्तरों वाले अस्पताल की इमारत के साथ-साथ अलग-अलग जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और 9 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे।
- अन्य प्रोजेक्ट्स में NH-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई प्रोजेक्ट का अंडरग्राउंड पाइपलाइन हिस्सा और रायरंगपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आदिवासी रिसर्च सेंटर शामिल हैं।
पहाड़पुर से मुर्मू ने शुरू किया था राजनीतिक करियर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में एक आदिवासी संथाल परिवार में हुआ था। उनकी शादी 1980 में श्याम चरण मुर्मू से हुई थी, जिनका पैतृक गांव मयूरभंज जिले का पहाड़पुर है। यहीं उनके ससुराल का घर है।
शादी के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षक और सरकारी कर्मचारी के रूप में काम किया, फिर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत की पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया। 2000 और 2004 में रायरंगपुर से विधायक चुनी गईं और ओडिशा सरकार में मंत्री रहीं।
2015 में वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनीं। इसके बाद 2022 में राष्ट्रपति चुनाव जीतकर भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला बनीं।
इस कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई सहित प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से ओडिशा भर में अवसंरचना को मजबूती मिलेगी, संपर्क में सुधार होगा, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री के समावेशी और समग्र विकास के दृष्टिकोण को दर्शाते हुए, ये पहलें जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को और गति प्रदान करेंगी और विकास के लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचाएंगी।
जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट की अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना और आईबी थर्मल पावर स्टेशन की चरण-II विस्तार परियोजना शामिल हैं, जिसमें 660 मेगावाट की दो इकाइयां होंगी। ये परियोजनाएं ओडिशा में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा, झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी। इससे घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र में नए औद्योगिक और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें भुवनेश्वर में 300 टीपीडी क्षमता वाला स्रोत-पृथक नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, कटक और भुवनेश्वर को सीधा जोड़ने वाला काठाजोड़ी नदी पर पुल, बौध जिले में ढालपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, नुआपड़ा से घाटीपाड़ा तक एनएच-353 के एक खंड का चार लेन का निर्माण, कुसुमदिही मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और रायरांगपुर में इंडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।
बौध में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल भवन का उद्घाटन किया जाएगा, साथ ही ओडिशा के विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और नौ स्वचालित परीक्षण केंद्रों का भी उद्घाटन होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन की जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में एनएच-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना का भूमिगत पाइपलाइन घटक, जाखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड-बैतरानी रोड मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, हिंदोल रोड-मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, रायरांगपुर में खेल परिसर और जनजातीय अनुसंधान केंद्र आदि शामिल हैं।







