बिहार की राजधानी पटना में फैजल खान उर्फ खान सर और रोशन आनंद उर्फ रोशन सर के बीच चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि पटना शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए शहर से बाहर एक व्यवस्थित और संगठित सेंटर विकसित किया जाएगा, ताकि शिक्षा संस्थानों का एक समर्पित हब बनाया जा सके. नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है. ऐसे में अब समय आ गया है कि पटना में बिखरे हुए कोचिंग संस्थानों को एक व्यवस्थित स्थान पर विकसित किया जाए.
पटना से बाहर बनेगा कोचिंग हब
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जितनी भी कोचिंग संस्थाएं हैं, उनका भी एक ऑर्गनाइज्ड सेंटर होना चाहिए. पटना शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों को सिटी एरिया से बाहर एक स्थान पर होना चाहिए. हमारा आग्रह है कि वे पटना के बाहर जाएं. वहां सरकार पूरी व्यवस्था विकसित करेगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी.” हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह व्यवस्था कब तक लागू होगी और इसके लिए कौन-सी जगह चिन्हित की जाएगी.
66 हजार एकड़ में बसाया जाएगा नया शहर
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पटना से भी बड़ा एक नया शहर बसाने की दिशा में काम कर रही है. करीब 66 हजार एकड़ में विकसित होने वाले नए पाटलिपुत्र टाउनशिप में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पानी, बिजली, सफाई और अन्य सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने कहा कि टाउनशिप के निर्माण से शहरों का सुनियोजित विकास होगा और लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी.
हर वार्ड में बनेगा सब्जी हाट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पटना नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में आधुनिक सब्जी हाट विकसित किए जाएं. इन बाजारों में सब्जी, दूध, मछली सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोगों को सुविधा होगी और शहर में अव्यवस्था भी कम होगी.
बरसात से पहले सड़क और नालों की मरम्मत के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी सीवरेज या अन्य कार्यों के कारण सड़कें और नाले क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें बरसात से पहले हर हाल में दुरुस्त किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि बारिश समाप्त होने तक नई योजनाओं की खुदाई शुरू नहीं की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
गंगा को प्रदूषण से बचाने पर जोर
सम्राट चौधरी ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ें, ताकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से गंदे पानी का शोधन हो सके और गंगा नदी में प्रदूषित पानी जाने से रोका जा सके.







