कोचिंग विवाद मामले में फंसे मशहूर शिक्षक खान सर के दोनों अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर तत्काल राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं को बारीकी से देखने की जरूरत बताई। इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने संबंधित पुलिस थाने से इस पूरे विवाद की अपडेटेड केस डायरी (केस की अद्यतन स्थिति) की मांग की है। केस डायरी आने के बाद ही अब इनकी जमानत पर अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
अदालत से नहीं मिली राहत, जेल में ही कटेंगी रातें
खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की तरफ से कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। बचाव पक्ष के वकीलों ने दलीलें पेश करते हुए राहत की मांग की, लेकिन अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल जमानत देने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को अभी जेल में ही रहना होगा।
कोर्ट ने इस पूरे विवाद को लेकर सख्त रुख अपनाया और पुलिस प्रशासन को कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। अदालत ने जांच अधिकारी को मामले की पूरी और अपडेटेड केस डायरी जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट का मानना है कि विवाद के दौरान हुए घटनाक्रमों और दर्ज कड़ियों की गहनता से जांच बेहद जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
20 जून को खान सर की राहत का विरोध करेगी पुलिस
पटना कोचिंग विवाद मामले में खान सर (फैजल खान) के दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर जिला जज की अदालत से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने आरोपियों को फिलहाल जमानत न देते हुए पुलिस से अपडेटेड केस डायरी मांगी है। इसी मामले में फैजल खान की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई होनी है, जिन्हें अभी अदालत से ‘नो कोर्सिव’ (दंडात्मक कार्रवाई पर रोक) की राहत मिली हुई है।
इधर, पटना पुलिस ने बताया कि कांड संख्या 410/26 के वादी पक्ष की ओर से जांच में कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, साक्ष्य, वादी या गवाह अब तक सामने नहीं आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ संस्थान पर नोटिस चस्पा कर दिया है। पुलिस ने संकेत दिया है कि वादी पक्ष के इस असहयोगात्मक रवैये को आधार बनाकर आगामी 20 जून को कोर्ट में फैजल खान की ‘नो कोर्सिव’ राहत का कड़ा विरोध किया जाएगा। वादी पक्ष के इस असहयोगात्मक रवैये को आधार बनाकर आगामी 20 जून को कोर्ट में फैजल खान की नो कोर्सिव राहत का कड़ा विरोध किया जाएगा।
सोमवार रात प्रिंस का अंतिम संस्कार
प्रिंस आनंद का सोमवार देर रात अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें चाचा ने मुखाग्नि दी। अंतिम शव यात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, छात्र और शिक्षक शामिल हुए। रौशन आनंद ने कहा, अब छात्रों को ही मुझे इंसाफ दिलाना होगा। मेरे भाई को दिन से ज्यादा रात पसंद थी, हमने रात में ही उसका संस्कार किया। प्रिंस के बड़े पापा मनोज यादव ने पटना में बताया कि रौशन के माता-पिता सदमे से आईसीयू में हैं।
नेपाल पुलिस की हिरासत में प्रिंस के पांच दोस्त रौशन के भाई प्रिंस की नेपाल में संदेहास्पद मौत में वहां की पुलिस ने पांच दोस्तों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार नेपाल पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। पटना पुलिस प्रिंस के दोस्तों को यहां लाएगी।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। प्रिंस के सामान, मोबाइल और कमरे में मिली दवाइयों को भी जब्त किया है। अगर वह दवा खाने से सोया था तो उसकी आंख के ऊपर चोट के निशान कैसे आ गए।
तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर जारी लेटर में तेजस्वी यादव ने कहा, पटना के दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद, मारपीट, तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के बाद रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
इस मामले में सरकार और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनभावना को देखते हुए मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
रौशन आनंद ने खान सर पर लगाए आरोप
रौशन आनंद ने फैसल खान उर्फ खान सर पर अपने भाई की हत्या करवाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि खान सर और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक आर.एस. प्रसाद ने मिलकर भाई की हत्या करवाई है।
क्या है पटना कोचिंग विवाद का पूरा मामला
पटना में कोचिंग संचालन और छात्रों के बीच किसी बात को लेकर उपजा यह विवाद अचानक बड़ा रूप ले चुका है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में खान सर के सुरक्षाकर्मियों पर कानून हाथ में लेने और विवाद को बढ़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया था।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मामले में अब पुलिस की अपडेटेड केस डायरी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डायरी में पुलिस ने अब तक की जांच में क्या नए सबूत जुटाए हैं और चश्मदीदों के क्या बयान दर्ज किए हैं, इसी आधार पर कोर्ट तय करेगा कि आरोपियों को जमानत दी जाए या नहीं।







