‘इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया। ये उस भारत के लाचार युवा हैं- जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती। चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है- भीड़, घुटन, और बेबसी। इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती। पर मैं वादा करता हूं – हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुंचाएंगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।’ उपरोक्त बयान के अंदर दर्द छलका है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का। उन्होंने ट्रेन के अंदर की स्थिति पर सवाल उठाते हुए एक्स पर एक वीडियो डाला है।
राहुल गांधी फंसे!
राहुल गांधी के वीडियो डालने के बाद पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर, बिहार के एक्स अकाउंट से प्रतिक्रिया आई है। रेलवे ने इस वीडियो को पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन का नहीं बताया है। रेलवे ने कहा है कि उक्त घटना पाटलिपुत्र स्टेशन की नहीं है। यह भी स्पष्टतया बताना है कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु से संबंधित कोई भी सूचना किसी भी स्रोत से नहीं है। कृपया ऐसे किसी भी अफवाह / भ्रम को न फैलाएं. वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों एवं स्थिति के आधार पर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त व्यक्ति संभवतः किसी चिकित्सकीय समस्या अथवा थकानजनित अस्वस्थता से प्रभावित हुआ हो। राहुल गांधी को रेलवे ने चेताते हुए कहा है कि अफवाह न फैलाएं। न इस तर का वीडियो साफा करें।
नेटिजन्स की प्रतिक्रिया
उसके बाद नेटिजन्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने कहा है कि वीडियो तो जनरल बोली का है न। ट्रेन की भरी बोगी में एक युवक ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। इस सच को स्वीकार करना होगा। ये कितना भयावह है। लोगों ने राहुल गांधी के शेयर किए गए वीडियो को ज्यादा शेयर करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मध्य रेलवे की सफाई को लोगों ने झटका देते हुए आलोचना की है। लोगों का कहना है कि आखिर ये घटना कहीं की हो, रेलवे की तो है। लोगों ने कहा हैकि शर्म तो रेल मंत्रालय को आती नहीं है। ये लोग शर्म को घोलकर पी गए हैं। घटना बिहार की नहीं लेकिन भारत के किसी इलाके की तो है
क्या हुआ था दो दिन पहले?
ध्यान रहे कि दो दिन पहले सरकारी भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए ट्रेनों की कथित कमी को लेकर शनिवार देर रात पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर करीब 200 लोगों ने पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की थी। अधिकारियों ने बताया था कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया। अधिकारियों ने दावा किया था कि उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की गई थी और आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। यह घटना शनिवार रात करीब 11.45 बजे हुई जब बड़ी संख्या में छात्र अपने परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर जमा हुए थे।







