भागलपुर में पूर्व MLA गोपाल मंडल और पुलिस के बीच बहस हो गई। जिसके बाद गोपाल मंडल ने कहा कि ज्यादा पैंतरा देते हो। गांजा पीकर आए हैं क्या। हम एमएलए हैं। जिसके बाद दारोगा ने कहा कि आप पूर्व विधायक हैं तो क्या होगा। सरकार हमें वेतन देती है। आप जबरदस्ती किसी के मकान पर कब्जा करेंगे क्या…।
दरअसल, पूरा मामला रविवार का है। अवैध कब्जे को लेकर एक शख्स ने थाने में आवेदन दिया था। जिसमें पीड़ित ने कहा है कि 6 फीट के सार्वजनिक रास्ते पर गोपाल मंडल और उनके समर्थक जबरन कब्जा कर रहे हैं। वे लोग हथियार लेकर आए थे।
अब पूरा मामला सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए
रविवार को बरारी थाना के पुरानी ड्योढ़ी मोहल्ले के टिंकू कुमार और अन्य लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि सार्वजनिक रास्ते पर दीवर खड़ी की जा रही है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी लोग हथियार के बल पर रास्ते के बीच दीवर खड़ी कर रहे हैं।
बाती बढ़ी तो मोहल्ले के लोगों ने डायल 112 को इस घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां पूर्व विधायक गोपाल मंडल अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।
पुलिस ने रास्ते के विवाद को लेकर गोपाल मंडल से पूछा तो वो एक दरोगा से उलझ गए। उन्होंने दरोगा कहा कि ज्यादा पैंतरा देते हैं । गांजा पीकर आए हैं क्या। जिस पर दारोगा ने भी पलटवार किया। उनके भी तेवर कड़े थे। कहा कि आप पूर्व विधायक हैं तो क्या जबरदस्ती करेंगे। खैर उस वक्त पुलिस ने दीवार बनाने से मना कर दिया और काम रुकवा दिया।
पुलिस को जो आवेदन दिया गया उसमें लिखा गया कि रविवार दोपहर 12 बजे गोपाल मंडल शंकर यादव, मनीष कुमार, राहुल कुमार और पीयूष कुमार के साथ हथियार लेकर आए थे। सार्वजनिक रास्ते को शंकर यादव और उसके बेटे ने मिलकर घेरा था।
हमलोगों ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। टिंकू कुमार ने कहा है कि यह रास्ता वर्षों से कॉलोनीवासियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग रहा है। यदि इसे बंद कर दिया जाता है तो दर्जनों परिवारों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल पुलिस ने काम रुकवा दिया है।
कोर्ट ने भी रास्ते को सार्वजनिक माना था
कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह विवाद नया नहीं है। आवेदन के अनुसार, कुछ साल पहले भी इसी रास्ते को घेरने की कोशिश हुई थी। उस समय मामला प्रशासनिक और न्यायिक स्तर तक पहुंचा था। दावा है कि अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) की ओर से पारित आदेश के आधार पर रास्ते को सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलवाया गया था।
बाद में इस आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन न्यायालय ने भी अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश को बरकरार रखते हुए रास्ते को सार्वजनिक मार्ग माना था।
अब जानिए कौन हैं गोपाल मंडल
गोपाल मंडल जदयू के पूर्व विधायक हैं। वो भागलपुर के गोपालपुर से 4 बार विधायक रह चुके हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने इन्हें टिकट नहीं दिया। गोपाल मंडल अपने बयानों से लेकर सुर्खियों में रहते हैं।







