आईपीएल 2026 का समापन हो गया. विनर-रनर का ऐलान हो गया. अब उसी आईपीएल को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ. जी हां, आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने दावा किया है कि क्रिकेट में मैच फिक्सिंग आज भी मौजूद है. उनके मुताबिक, क्रिकेट में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग भी शामिल हैम. ललित मोदी ने 2010 के चर्चित कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद पर भी बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने 16 साल पुराने मामले में शशि थरूर की वो एक फोन कॉल की कहानी भी सुनाई है. ललित मोदी ने दावा किया कि उस समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने उन्हें फोन कर सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न उठाने की नसीहत दी थी. इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव का भी सामना करना पड़ा.
ललित मोदी की मानें तो कोच्चि आईपीएल टीम खरीदने वाले कंसोर्टियम की संरचना को लेकर उन्हें शुरुआत से ही संदेह था. उन्होंने दावा किया कि टीम को लगभग 350 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था, लेकिन कुछ शेयरधारकों की हिस्सेदारी और निवेश के बीच संतुलन नहीं दिख रहा था. ललित मोदी ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उन्होंने कंसोर्टियम के सभी सदस्यों से मिलने का फैसला किया. बेंगलुरु में हुई बैठक में सभी हिस्सेदार मौजूद थे, लेकिन सुनंदा पुष्कर वहां नहीं थीं. इसी दौरान उन्हें बताया गया कि सुनंदा पुष्कर को भी अहम हिस्सेदारी दी जा रही है.
ललित ने सुनंदा पर सवाल पूछा तो आया थरूर का फोन
ललित मोदी ने दावा किया कि उन्होंने बैठक में पूछा था कि सुनंदा पुष्कर कौन हैं और उन्हें यह हिस्सेदारी क्यों दी जा रही है?. उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिलेगा, तब तक वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. ललित मोदी के अनुसार, इसके कुछ ही पल बाद उन्हें शशि थरूर का फोन आया. ललित मोदी के मुताबिक, शशि थरूर ने फोन पर उनसे कहा कि सुनंदा पुष्कर के बारे में ज्यादा सवाल न करें. ललित मोदी के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्हें यह भी कहा गया कि अगर उन्होंने इस मामले को आगे बढ़ाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. उनके यहां रेड पड़ सकती है.
‘तुम्हारें यहां रेड पड़ जाएगी’
ललित मोदी ने इंटरव्यू में दावा किया, ‘मुझसे शशि थरूर ने कहा कि सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो. अगर ऐसा किया तो सुबह तुम्हारे यहां रेड पड़ जाएगी. मैंने जवाब दिया कि आप विदेश मंत्री हो सकते हैं, लेकिन मुझे इस तरह धमका नहीं सकते.’ उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. हालांकि बाद में तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर का फोन आया और उनसे समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा गया. ललित मोदी का दावा है कि उन्होंने दबाव में आकर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे.
ललित मोदी ने शशि थरूर पर पूरा खुलास क्या किया?
ललित मोदी ने कहा, ‘सोनिया गांधी शशि थरूर का समर्थन कर रही थीं. उन दिनों मुझे अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी के फ़ोन आए थे. राजीव शुक्ला मेरे पास आकर कहते थे, ‘चलो, अहमद पटेल आ रहे हैं.’… कोई टीम के लिए $350 मिलियन कैसे दे सकता है. यानी कोच्चि कंसोर्टियम. जहां 75% शेयरहोल्डर 100% लागत चुका रहे हैं?… रेवेन्यू के तौर पर आने वाले हर डॉलर में से उसे 15% हिस्सा मिलता… मुझे पता था कि यह सब ढह जाएगा… दो साल बाद यह ढह गया… मैंने एग्रीमेंट पर साइन नहीं किए क्योंकि मैं कंसोर्टियम के हर सदस्य से मिलना चाहता था. मीटिंग बैंगलोर में हुई. सभी शेयरहोल्डर वहां मौजूद थे, सिवाय एक महिला के. वह थीं सुनंदा पुष्कर. मैं एग्रीमेंट देख रहा था. वैसे मुझे कोई अंदाज़ा नहीं था कि वह कौन है… मैंने कंसोर्टियम के सदस्यों से पूछा, ‘आप सुनंदा पुष्कर नाम की एक महिला को 25% शेयर क्यों दे रहे हैं? वह कौन है?’… मैंने कहा, ‘जब तक मुझे यह पता नहीं चल जाता कि सुनंदा पुष्कर कौन है, मैं इस एग्रीमेंट पर साइन नहीं करूँगा.’ जैसे ही मैंने यह कहा, मुझे शशि थरूर का फ़ोन आया… उन्होंने कहा, ‘ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो.’ वह मेरी अच्छे दोस्त है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर तुमने पूछा, तो मैं सुबह ही तुम्हारे यहां रेड करवा दूंगा.’ललित मोदी के मुताबिक, मैंने कहा, ‘तुम खुद को समझते क्या हो? तुम भले ही भारत के विदेश मंत्री हो, लेकिन दोबारा कभी मुझसे ऐसी बात कहने की हिम्मत मत करना.’ मैंने फ़ोन पटक दिया और कहा, ‘मैं इस पर साइन नहीं करूंगा.’ फिर तो हंगामा मच गया. सुबह के दो बजे थे. तभी मुझे एक फ़ोन आया. आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं- BCCI के प्रेसिडेंट शशांक मनोहर का, जो आमतौर पर कभी दखल नहीं देते थे. बहुत ही अच्छे इंसान. उन्होंने कहा, ‘ललित, तुम्हें आज ही इस एग्रीमेंट पर साइन करने होंगे.’… अब, मैं कभी भी किसी अथॉरिटी की बात नहीं टालता… मैंने उनसे कहा कि मैं यह एग्रीमेंट दबाव में आकर साइन करूंगा, और मैं यह बात साफ़ तौर पर लिखूंगा कि प्रेसिडेंट मुझे इस एग्रीमेंट पर साइन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं… अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो हर अख़बार के पहले पन्ने पर यही ख़बर थी.’. ‘सुनंदा पुष्कर शशि थरूर से शादी कर रही हैं.’ अब मुझे पता चल गया था कि मुझे उस पर दस्तखत क्यों करने पड़े.







