जिस उम्र में लोग राम भजन करते हैं, उसी उम्र में एक वृद्ध को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ रहा है। वैशाली से आई यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
तस्वीर में एक वृद्ध व्यक्ति न्यायालय परिसर से निकल रहा है, जिसका शरीर साथ नहीं दे रहा है, उठने-बैठने के लिए दो लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन जब कानून का डंडा चला तो उम्र की लाचारी भी काम नहीं आई। बुजुर्ग की उम्र अभी 85 साल बताई जा रही है।
34 साल पुराने मामले में फैसला
यह पूरा मामला वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित जुड़ावनपुर का है। 1992 की एक घटना में आपसी विवाद को लेकर एक दंपति पर फायरिंग और जानलेवा हमला करने के आरोप में एक ही परिवार के 5 लोगों पर केस दर्ज किया गया था।
केस की सुनवाई के दौरान 5 में से 4 आरोपियों की मौत हो गई, लेकिन एक व्यक्ति बच गया। जिसका नाम दीप राय उर्फ जिसा राय बताया गया है।
उसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आइपीसी की धारा 147, 148, 307 और 134 आर्म्स एक्ट के तहत दीप राय को दोषी पाया है।
क्या है पूरा मामला ?
पीड़ित अदालत राय ने 10 मई 1992 को शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह अपनी पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठे थे, तभी आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर हमला किया था। पुलिस ने 1993 में चार्जशीट दाखिल की थी और 34 साल बाद अब न्यायालय का फैसला आया है।
सजा का ऐलान आज मंगलवार यानी दो जून को होगा। यह तस्वीर आज के युवाओं के लिए एक सीख है जो जवानी के जोश में हथियार लहराते हैं, गोलियां चलाते हैं और अपराध के रास्ते पर चले जाते हैं।







