बिहार की पंचायतों में भी कॉरपोरेट जगत की तरह इन्क्रीमेंट होगा। यहां भी 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत की तरह बढ़ोतरी होगी। लेकिन इसके लिए अच्छा काम करके दिखाना होगा। बढ़िया परफॉर्मेंस करने पर ग्राम पंचायतों को 10 फीसदी अधिक पैसा मिलेगा।
बिहार की ग्राम पंचायतों को भी मिलेगा इंक्रीमेंट
बिहार की त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में 16वें वित्त आयोग के अनुसार पैसों के बांटने का नियम बदला जा रहा है। ऐसे में उन ग्राम पंचायतों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी, जहां के सरपंच, मुखिया और वार्डरों ने बढ़िया काम किया होगा। ग्राम पंचायतों को अब परफॉर्मेंस के आधार पर फंड दिया जाएगा। इस लिहाज से 10 फीसदी बढ़ाने का फॉर्मूला लागू किया जाएगा। पहले पंचायतों को 70 फीसदी पैसे मिलते थे। लेकिन अब उसे बढ़ाकर 80 फीसदी कर दिया जाएगा। दरअसल पंचायती राज के लिए जो कुल फंड अलॉट किए जाते हैं, उसमें 70 फीसदी ग्राम पंचायतों के लिए होता है।
बढ़िया काम किया तो ज्यादा फंड
इसी बजट में बाकी बचे 20 फीसदी का बंटवारा जिला परिषद और पंचायत समिति में बराबर-बराबर किया जाएगा। माने दोनों को 10-10 फीसदी फंड मिलेगा। इससे पहले इन्हें 15-15 फीसदी मिलता था। ऐसे समझिए कि इनके 5-5 फीसदी फंड कम होंगे और इसे ग्राम पंचायतों में बढ़ाया जाएगा। वित्त आयोग की अनुशंसा को लेकर केंद्र सरकार जैसे ही मंजूरी देगी। फंड का ये नया फंडा लागू कर दिया जाएगा।
बिहार में इस साल 16वें वित्त आयोग के जरिए नया फॉर्मूला
इस साल बिहार में ग्राम पंचायतों को अच्छा काम करने पर फायदा
अच्छा काम किया तो फंड में 10 से 20 प्रतिशत अधिक मिलेगा
20 फीसदी भी मिल सकता है ‘इंक्रीमेंट’
बिहार में जिन ग्राम पंचायतों का बेहतर प्रदर्शन होगा, उन्हें 10 प्रतिशत ही नहीं, बहुत बढ़िया काम करने पर 20 प्रतिशत का एक्स्ट्रा फंड मिल सकता है। वैसे जितनी भी ग्राम पंचायतें हैं, उनकी राशि में कोई कटौती नहीं होगी। उन्हें पहले की तरह निर्धारित फंड मिलता रहेगा। लेकिन बढ़िया काम करने वाली ग्राम पंचायतों को ज्यादा फंड मिलेगा।
आबादी के हिसाब से भी मिलेगा फंड
अच्छा काम करने पर बिहार की ग्राम पंचायतों को तय की गई रकम के अलाव बढ़ा हुआ फंड तो मिलेगा ही, लेकिन वैसी ग्राम पंचायतों को भी ज्यादा फंड मिलेगा, जिनकी आबादी तुलनात्मक रूप में अधिक होगी। आबादी के अनुसार विकास कार्यों जैसे सड़क समेत बाकी सुविधाओं के लिए फंड मिलेगा। आपको ये भी बता दें कि 15वें वित्त आयोग की तुलना में 16 में करीब 20 हजार करोड़ रुपये ज्यादा आएंगे। आपको बता दें कि इसी साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार पंचायत चुनाव संभावित हैं।







