ऐसे कॉल से कई बार सावधान किया जाता है, जिसमें साइबर अपराधी किसी को फोन कर उसके पार्सल में गलत सामान होने की जानकारी देते हैं। इसके बाद वो कॉल पर बात करने वाले को डिजिटल अरेस्ट तक कर लेते हैं। लेकिन इस बार साइबर अपराधियों ने तो बिहार के डिप्टी सीएम के फोन पर ही कॉल लगा कर उन्हें झांसे में लेने की कोशिश की। मामला बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से जुड़ा है।
डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को साइबर अपराधियों की कॉल
इसको लेकर डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव के आप्त सचिव ने साइबर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है। ये FIR पटना के साइबर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए केस की छानबीन शुरू कर दी है। इसके बाद से प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया।
पार्सल के नाम पर झांसा देने की कोशिश
दरअसल जून के पहले हफ्ते में ही डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि वो एक पार्सल को लेकर फोन कर रहा है, जिसे उन्होंने ही बुक कराया है। इसके बाद डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ये कहते हुए कॉल काट दी कि उन्होंने कोई पार्सल बुक नहीं कराया है।
- डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को साइबर अपराधियों ने कर दिया फोन
- उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को दी पार्सल में गड़बड़ सामान की धमकी
- पटना के साइबर थाने में केस दर्ज, नंबर को ट्रेस करने में जुटी पुलिस
डिप्टी सीएम से बदतमीजी तक कर डाली
इसके बाद भी कॉल करने वाला नहीं माना और उसे फिर से उन्हें फोन लगाया। इसके बाद भी उसने कई बार फोन किए और अंत में उसने बदतमीजी शुरू कर दी। यही नहीं, उसने उप मुख्यमंत्री को धमकी तक दे डाली। इस वाक्ये के बाद उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के आप्त सचिव वीरेंद्र कुमार थाने पहुंचे। उन्होंने 5 जून को इस पूरे घटनाक्रम की FIR पटना के साइबर थाने में दर्ज कराई।
पुलिस नंबर को ट्रेस करने में जुटी
पुलिस को पूरी तरह से शक है कि ये कॉल साइबर अपराधियों ने की थी। लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि जिसे उन्होंने फोन लगाया है वो कोई आम आदमी नहीं बल्कि बिहार के डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव हैं। यहीं साइबर अपराधियों ने गलती कर दी। अब साइबर थाने की टीम उस नंबर को ट्रेस करने में लग गई है, जिससे उप मुख्यमंत्री को फोन कॉल आई थी।







