ADVERTISEMENT
Saturday, August 1, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

युद्ध का सदमा या कुछ और… गाजा में 10 लाख से ज्यादा बच्चों ने बोलना क्यों बंद कर दिया…………….

UB India News by UB India News
May 30, 2026
in खास खबर, संपादकीय, समाज
0
युद्ध का सदमा या कुछ और… गाजा में 10 लाख से ज्यादा बच्चों ने बोलना क्यों बंद कर दिया…………….
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

गाजा में हंसमुख और बातूनी बच्चों ने भी बोलने से जी चुरा लिया है. अब वे शांत रहते हैं या कम बोलते हैं. डॉक्टर विदआउट बॉर्डर के अनुसार, गाजा के 10 लाख से ज्यादा बच्चों पर इस युद्ध का इतना गहरा आघात पड़ा है कि उनकी जुबान ही बंद हो गई है. अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ (MSF) से जुड़ीं बाल मनोचिकित्सक कैट्रिन ग्लिट्ज ब्रुबाक के अनुसार, गाजा में ऐसे बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो पूरी तरह खामोश हो चुके हैं. यह कोई सामान्य चुप्पी नहीं है, बल्कि लगातार बमबारी, अपनों को खोने और बेघर होने के गहरे सदमे का नतीजा है.

किस बात है सदमा?

बीबीसी के मुताबिक, मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जब कोई बच्चा लंबे समय तक अत्यधिक तनाव और डर के साए में जीता है, तो उसका नर्वस सिस्टम जवाब दे देता है. गाजा के बच्चे पिछले लंबे समय से हर दिन अपनी और अपने परिवार की जान जाने के डर में जी रहे हैं. इस भयानक स्थिति से खुद को बचाने के लिए उनका दिमाग बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है, जिसके कारण वे बोलना बंद कर देते हैं.

RELATED POSTS

क्या राजनीतिक दलों के इशारे पर जंतर-मंतर पर हुई हिंसा !

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

Latest and Breaking News on NDTV

लगातार बने रहने वाले इस तनाव का बच्चों के दिमाग पर शारीरिक रूप से भी बुरा असर पड़ रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक डर के कारण बच्चों के दिमाग का अमिगडाला (Amygdala) बड़ा हो जाता है जो तीव्र भावनाओं को संभालता है, जबकि सोचने-समझने और सामाजिक व्यवहार को नियंत्रित करने वाला हिस्सा कमजोर पड़ जाता है. इसके कारण बच्चों का मानसिक विकास पूरी तरह रुक जाता है.

पिता की मौत के बाद बंद कर दिया बोलना

गाजा में ऐसे ही एक 5 साल के बच्चे एडम की कहानी दिल दहला देने वाली है. युद्ध से पहले एडम बेहद खुशमिजाज और बातूनी बच्चा था, लेकिन बमबारी के बाद उसे अपने परिवार के साथ टेंट में रहने को मजबूर होना पड़ा. एक दिन अचानक हुए हमले में एडम और उसके पिता दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. अस्पताल के फर्श पर इलाज का इंतजार करते हुए एडम ने अपनी आंखों के सामने अपने पिता को आखिरी सांस लेते देखा.

गाजा के बच्चों ने अपनों को आंखो को सामने खोया है.

गाजा के बच्चों ने अपनों को आंखो को सामने खोया है.
बमबारी की चपेट में आने से 4 से 6 साल के बच्चे सबसे ज्यादा झुलस रहे हैं क्योंकि वे हमलों के वक्त बड़ों की तरह तेजी से भाग नहीं पाते. अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और पोषण की कमी के कारण उनके शारीरिक घाव तो देरी से भर रहे हैं, लेकिन उनके मन पर लगे ‘अदृश्य घाव’ जिंदगी भर के लिए रह सकते हैं.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

क्या राजनीतिक दलों के इशारे पर जंतर-मंतर पर हुई हिंसा !

by UB India News
August 1, 2026
0

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस...

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

by UB India News
August 1, 2026
0

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया....

क्या जमीन पर भी बदलेंगे हालात…………..

क्या जमीन पर भी बदलेंगे हालात…………..

by UB India News
August 1, 2026
0

पीएम नरेंद्र मोदी ने देर रात इंस्टाग्राम पर फिर से वीडियो मेसेज जारी किया. इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर पेपर...

हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं ……………..

हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं ……………..

by UB India News
August 1, 2026
0

जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत सूर्य मैथिल नाम...

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

by UB India News
August 1, 2026
0

रूस ने यूक्रेन राजधानी कीव को निशाना बनाकर रातभर मिसाइलों की बौछार की और ड्रोन से भी हमले किए। इन...

Next Post
भूले-बिसरे पैसों को खोजना अब और भी आसान,सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल

भूले-बिसरे पैसों को खोजना अब और भी आसान,सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल

यूपी में पंकज चौधरी मॉडल के बाद बिहार में बदलाव की बारी?

बिहार भाजपा की नई टीम में 'माननीयों' की छुट्टी.........

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend