पश्चिम बंगाल की जिस फलता विधानसभा सीट पर दोबारा चुनाव करवाए गए थे, उसके नतीजे रविवार को सामने आ गए। यहां से बीजेपी उम्मीदवार देवांग्शु पांडा 109021 वोटों से विजयी हुए और उन्हें कुल 149666 वोट मिले। वहीं दूसरे नंबर पर सीपीआईएम के शंभू नाथ कुर्मी रहे और उन्हें केवल 40645 वोट ही मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के अब्दुल रज्जाक मोल्ला रहे और उन्हें 10084 वोट ही मिले।
जहांगीर खान को कितने वोट मिले?
तमाम कैंडिडेट्स के बीच सबसे ज्यादा जिस कैंडिडेट की चर्चा रही, वे तृणमूल कांग्रेस के कैंडिडेट जहांगीर खान थे। ये वही जहांगीर खान हैं, जिन्होंने पुष्पा फिल्म के डायलॉग बोलकर चुनाव के दौरान माहौल बनाने की कोशिश की थी और धमकाने वाले अंदाज में बयान दिए थे। जहांगीर खान ने फलता सीट पर दोबारा मतदान से पहले ही मैदान छोड़ने की बात कही थी लेकिन ईवीएम में उनका नाम था इसलिए उन्हें भी कुछ वोट मिले। इस चुनाव में जहांगीर खान को महज 7783 वोट मिले।
पहले इस सीट पर टक्कर तृणमूल कांग्रेस बनाम बीजेपी की थी लेकिन नतीजों के बाद ये सामने आया कि बीजेपी उम्मीदवार देवांग्शु पांडा ने टीएमसी के जहांगीर खान को 141883 वोट से हराया।
जहांगीर खान ने चुनाव से वापस लिया था नाम
फलता सीट पर दोबारा चुनाव से पहले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर ने अपना नाम वापस ले लिया था। इस पर तृणमूल कांग्रेस का बयान भी सामने आया था और उसने कहा था कि फलता विधानसभा सीट से जहांगीर खान के हटने का फैसला उनका निजी फैसला है, ये पार्टी का फैसला नहीं है।
IPS अजय पाल शर्मा को दी थी धमकी
TMC के जहांगीर खान ने फलता में दोबारा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी और सेंट्रल ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा को खुली धमकी दी थी और कहा था कि खेल तुमने शुरु किया है, खत्म हम करेंगे। इतना ही नहीं जहांगीर खान ने ये तक कहा था कि CRPF को हवा में उड़ा कर रख देंगे।
जहांगीर खान ने पुष्पा स्टाइल में कहा था कि TMC वालों ने झुकना नहीं सीखा है। गौरतलब है कि पुष्पा साउथ की एक फिल्म का किरदार है, जिसके कई डायलॉग काफी फेमस हुए थे।
जहांगीर खान ने चुनाव प्रचार के दौरान अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’का डायलॉग बोला था और कहा था कि ‘पुष्पा राज… मैं झुकेगा नहीं।’ लेकिन जब उन्होंने चुनाव से पीछे हटने का फैसला लिया तो विरोधियों ने उनका खूब मजाक बनाया था।
नतीजों के बाद डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा है कि इस चुनाव में बहुत सारी विसंगतियां पाई गई हैं. उन्होंने कहा कि पहली बार चुनाव के बाद 3 बजे तक केवल 2 से 4 राउंड की गिनती पूरी हो पाई थी, जबकि इस बार 3 बजे तक 21 राउंड की गिनती पूरी हो गई.
विवादों में फाल्टा
फाल्टा विधानसभा सीट पर पूर्व में चुनावी गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को री-पोलिंग का ऐलान किया था. यहां कई बूथों पर ईवीएम पर इत्र जैसी चीज छिड़कने, चुनाव चिह्न को ढकने और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगे थे. बता दें कि री-पोलिंग के दौरान सभी 285 बूथों पर किसी प्रकार के तनाव की कोई खबर नहीं मिली. दोबारा हुए मतदान में शाम 5 बजे तक करीब 86 फीसदी लोगों ने वोट डाला था.
बता दें कि टीएमसी के दिग्गज नेता और फाल्टा से प्रत्याशी जहांगीर खान ने पहले ही मैदान छोड़ते हुए चुनाव ना लड़ने का ऐलान कर दिया था. हालांकि उनके ऐलान के बावजूद ईवीएम पर उनका नाम दिखाई दे रहा था.
बीजेपी की जीत पर भड़के अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि फाल्टा से टीएमसी के 1000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को भगा दिया गया, वहीं चुनाव आयोग आंखों पर पट्टी बांधे रहा. दिन दहाड़े पार्टी कार्यालयों पर हमला किया गया और आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन हुआ. अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों के नाम डिलीट करवाने वाले चुनाव अधिकारी को बंगाल का मुख्य सचिव बना दिया गया है. सबसे चिंता की बात है कि बीजेपी को छोड़कर बाकी दलों के पोलिंग एजेंट को भगा दिया गया.
क्या बोले शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 15 साल बाद लोगों को वोट डालने की आजादी मिली है तो सारा सच सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि टीएमसी माफिया कंपनी बन चुकी थी. राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल करके जनता का पैसा खब लूटा गया. उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल ही टीएमसी की हार का मॉडल बन गया.







