भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को सर्वोच्च स्तर पर ले जाते हुए ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ में अपग्रेड कर दिया है। रोम में आयोजित इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। मेलोनी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद, यानी पूरे 26 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय इटली यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच की दूरी को मिटाकर रिश्तों को एक नई ऊर्जा देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक कल्याण से जोड़ते हुए एक नया और प्रभावशाली विजन पेश किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘इटली दुनिया भर में अपने बेजोड़ डिजाइन और सटीकता के लिए प्रसिद्ध है। दूसरी तरफ, भारत की पहचान बड़े पैमाने, असीमित प्रतिभा और किफायती नवाचार के पावरहाउस के रूप में है। इसलिए, अब हम डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड’ के साझा सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।’ पीएम मोदी ने घोषणा की कि ‘भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029’ इस साझेदारी को एक व्यावहारिक, समयबद्ध और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करेगी।
आपसी विश्वास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा
दोनों वैश्विक नेताओं ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में हुई अपनी सात मुलाकातों के बारे में भी बताया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने पीएम मोदी के विजन, व्यावहारिक दृष्टिकोण और उनके नागरिकों के बीच उनकी मजबूत लोकप्रियता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी यह ईमानदारी भरी दोस्ती आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक सुरक्षा के मोर्चे पर इतालवी प्रधानमंत्री ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जहाजों की मुक्त आवाजाही की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।







