बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान आज आयोजित सम्राट सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कई मायनों में खास है. सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर आज कई अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिली. लेकिन, इन सबके बीच नीतीश कुमार का वहीं पुराना अंदाज देखने को मिला. दरअसल आज शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर जैसे ही नीतीश कुमार पहुंचे, उन्होंने अपने पुराने अंदाज से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. दरअसल आज के कार्यकम में कई चीजें बदली हुई थीं.
इससे पहले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होते थे और सम्राट चौधरी उनके साथ उनके मंच पर मौजूद रहते थे. लेकिन, आज की तस्वीर अलग थी. आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थे और नीतीश कुमार पहली बार उनके भव्य मंच पर पहुंचे. हालांकि इस दौरान खास बात यह रही कि नीतीश कुमार अपने ही पुराने अंदाज में दिखे. भले ही आज नीतीश कुमार बिहार के पूर्व सीएम के रूप में मंच पर पहुंचे थे. लेकिन, मंच पर पहुंचते उन्होंने उसी जोश के साथ मंच पर मौजूद लोगों के साथ मुलाकात कर उनका अभिवादन किया. नीतीश कुमार बारी-बारी से मंच पर मौजूद नेताओं के पास पहुंचे और बड़े ही गर्मजोशी के साथ उनके साथ हाथ मिलाया. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बेहद आत्मीय अंदाज में एक-दूसरे से मिले. दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत की.
नीतीश कुमार मंच पर मौजूद गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, विजय सिन्हा, रामकृपाल यादव, संजय जायसवाल, रविशंकर प्रसाद, विजेंद्र प्रसाद यादव समेत अन्य नेताओं से मिले. इस दौरान निशांत कुमार ने अपने पिता का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान नीतीश कुमार ने निशांत को पीठ थपथपाकर बधाई दी. बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने जा रहा है. इस बार कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है. कैबिनेट विस्तार में अधिकांश जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का ध्यान रखा गया है.
बिहार के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बृहस्पतिवार (7 मई, 2026) का दिन केवल शपथ ग्रहण का नहीं, बल्कि दशकों पुराने राजनीतिक रिश्तों के सम्मान का गवाह बना. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के विस्तार के मौके पर जब पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का परिचय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से करवाया, तो पीएम ने भी उनकी अनुभवी मुस्कान का गर्मजोशी से स्वागत किया. यह पल इसलिए खास था क्योंकि यह बिहार की उस ‘मौन सेवा’ का सम्मान था जो बिजेंद्र यादव पिछले 35 वर्षों से बिना किसी शोर के करते रहे हैं. नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से जब बिजेंद्र यादव की मुलाकात करवाई तो यह सादगी, सच्चाई, ईमानदारी और राजनीतिक सम्मान की मिसाल बन गई. नीतीश कुमार ने बिजेंद्र यादव को आगे बढ़ाया और पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत का मौका बनाया.
सादगी और निष्ठा की मिसाल, 9 बार के अजेय विधायक
बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के उन गिने-चुने चेहरों में से हैं, जिनकी पहचान उनके पद से नहीं बल्कि उनके काम से होती है. सुपौल सदर सीट से 1990 से लगातार 9 बार विधायक रहने का रिकॉर्ड उनके नाम है. 10 अक्टूबर 1946 को जन्मे बिजेंद्र यादव ने अपने पूरे करियर में कभी हार का स्वाद नहीं चखा. उनकी सादगी का आलम यह है कि करोड़ों की संपत्ति और रसूख होने के बावजूद, उनकी जीवनशैली आज भी एक साधारण कार्यकर्ता जैसी ही है. वे उन चुनिंदा नेताओं में हैं जिन पर अब तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है जो उनकी ‘क्लीन इमेज’ को पुख्ता करता है.
‘कोसी के विश्वकर्मा’ और बिजली संकट से मुक्ति के नायक
बिहार में आज जो 24 घंटे बिजली की चमक दिखती है उसके पीछे बिजेंद्र यादव का दशकों का परिश्रम है. ऊर्जा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को बिहार के पावर सेक्टर का ‘स्वर्ण युग’ माना जाता है. उन्होंने न केवल बिहार को अंधेरे से निकाला, बल्कि कोसी क्षेत्र में सड़कों और पुलों का ऐसा जाल बिछाया कि लोग उन्हें प्यार से ‘कोसी का विश्वकर्मा’ कहने लगे. 1990 में लालू प्रसाद सरकार से अपनी मंत्री पारी शुरू करने वाले बिजेंद्र यादव आज उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं, लेकिन उनकी सहजता आज भी वैसी ही है जैसे वह तीन दशक पहले थी.
नीतीश कुमार के ‘खास’ और गठबंधन की धुरी
नीतीश कुमार और बिजेंद्र यादव का साथ केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक भी है. नीतीश कुमार के हर कठिन फैसले और सियासी संकट में बिजेंद्र यादव हमेशा साये की तरह साथ रहे हैं. यही कारण था कि गांधी मैदान के मंच पर नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से उनकी मुलाकात को विशेष प्राथमिकता दी. 79 वर्ष की उम्र में भी उनकी सक्रियता युवाओं को प्रेरित करती है. विशेष यह कि नीतीश कुमार ने बिजेंद्र यादव को हमेशा अपने करीबी सहयोगी के रूप में देखा है.
बिजेंद्र यादव के निष्कलंक राजनीतिक सफर का सम्मान
आज की चकाचौंध वाली राजनीति में बिजेंद्र प्रसाद यादव एक ऐसे ‘पुराने स्कूल’ के राजनेता हैं, जो कर्म में विश्वास रखते हैं, दिखावे में नहीं. बिहार को सुशासन की पटरी पर बनाए रखने में बिजेंद्र यादव की भी भूमिका रही है. जब सम्राट चौधरी सरकार बनी तब जदयू कोटे से बिजेंद्र यादव को उप मुख्यमंत्री बनाया गया तो मंत्रिमंडल विस्तार के खास मौके पर नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के सामने उन्हें विशेष रूप से प्रस्तुत किया. गांधी मैदान में पीएम मोदी के साथ उनकी वो संक्षिप्त मुलाकात असल में राजनीति में शुचिता, निरंतरता और ईमानदारी का सम्मान थी.







