केरल में कांग्रेस के अगुवाई वाले यूडीएफ की जीत के बाद अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री की दौड़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल सबसे आगे मान जो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उनके समर्थन में करीब 43 विधायक हैं, जबकि अभी तक राज्य में नेता विपक्ष रहे वी डी सतीशन के पास 35 और रमेश चेन्निथाला के पास 22 विधायक हैं। कांग्रेस ने केरल में विधायक दल का नेता चुनने के लिए मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाया है। ऐसी चर्चा है कि हाईकमान ने जो केरल कांग्रेस यूनिट से फीडबैक लिया है कि उसमें वीडी सतीशन के पक्ष में अधिक सपोर्ट सामने आया है लेकिन हाईकमान से नजदीकी की वजह से केसी वेणुगोपाल को आगे मना जा रहा है अगर वेणुगोपाल रेस से हटते हैं तो वीडीएस यानी वडसेरी दामोदरन सतीशन राज्य के नए सीएम बनेंगे।
विधायक दल की बैठक पर टिकी नजरें
केरल में 10 साल बाद सत्ता में वापसी करने के वाली कांग्रेस ने एलडीएफ को करारी शिकस्त दी है। कार्यवाहक सीएम पिनाराई विजयन के नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का चयन करने के लिए गुरुवार को 11 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक तिरुवनंतपुरम में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय इंदिरा भवन में होगी।इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। जो केरल का अगला मुख्यमंत्री बनेगा। इस बैठक पर सभी की नजरें लगी हुई हैं। कांग्रेस को चुनावों में 63 सीटें मिली हैं। पार्टी को चुनाव में जीते कुछ निर्दलियों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है।
सीएम की दौड़ में तीन मुख्य चेहरे
1.केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस में ताकतवर महासचिच केसी वेणुगोपाल केरल से सांसद हैं। वह राहुल गांधी के काफी नजदीक हैं। अगर वह सीएम बनते हैं तो कांग्रेस को किसी अन्य को संगठन महासचिव बनाना होगा। इतना ही नहीं केरल में लोकसभा की एक सीट खाली होगी। जहां उपचुनाव होगा। हालांकि राज्य में सत्ता होने पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है। वेणुगोपाल के पास करीब 43 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है।
2. वीडी सतीशन: केरल मेंविपक्ष के नेता हैं। उन्होंने 100+ सीटों के लक्ष्य के साथ गठबंधन का नेतृत्व किया। वे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्हें सहयोगी दलों खासकर IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) का समर्थन प्राप्त है। सतीशन की छवि आक्रामक नेता की है। उन्हें राज्य की राजनीति की गहरी समझ है।
मुस्लिम लीग है दूसरा सबसे बड़ा दल
2026 के केरल विधानसभा चुनाव नतीजों में राजनीति हालात बिल्कुल बदल गए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने 140 में से 102 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। LDF 35 सीटों पर सिमट गया है। यूडीएफ को कुल 102 सीटें मिली हैं। इसमें कांग्रेस को 63 सीटें मिली है। वह सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 22 सीटें। मिली हैं। वेणुगोपाल जहां रेस में आगे हैं तो वहीं उन्हें सतीशन से कड़ी टक्कर मिल रही है क्योंकि उन्होने पिछले सालाें में नेता विपक्ष के तौर पर तमाम मुद्दों पर लेफ्ट सरकार को सड़क से सदन तक घेरा था।







