बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछले हफ्ते अपनी कैबिनेट की पहली मीटिंग में ही कई बड़ी-बड़ी योजनाओं पर मुहर लगाई थी. वहीं लोगों को सम्राट कैबिनेट की दूसरी बैठक का इंतजार है. बिहार के लोग जानना चाह रहे हैं कि सम्राट चौधरी दूसरी कैबिनेट की बैठक में किन-किन एजेंडों पर मुहर लगाते हैं. दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 29 अप्रैल को कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है. बैठक के बाद शाम 5 बजे होगी, ब्रीफिंग होगी.
कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है. सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इकाफी सक्रिय नजर आ रहे हैं और लगातार विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं. उनकी पहली कैबिनेट बैठक में बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडॉर जैसे कई अहम फैसले लिए गए थे, जिससे सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत मिला था. ऐसे में दूसरी बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
निवेश और उद्योग पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है. मुख्यमंत्री पहले ही बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य जता चुके हैं. इसके साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी फोकस रहने की उम्मीद है.
11 टाउनशिप परियोजना पर हो सकती है चर्चा
सरकार द्वारा प्रस्तावित 11 टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर भी इस बैठक में विचार-विमर्श संभव है. इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है. इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है.
कैबिनेट विस्तार से पहले अहम बैठक
यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अभी तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है. ऐसे में सीमित मंत्रियों के साथ होने वाली यह बैठक सरकार के शुरुआती एजेंडे और प्राथमिकताओं को तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
सरकार की दिशा पर मिले सकते हैं संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के जरिए सरकार आने वाले समय की अपनी रणनीति स्पष्ट कर सकती है. विकास, निवेश और जनसुविधाओं को लेकर लिए जाने वाले फैसले यह तय करेंगे कि बिहार की दिशा आगे किस ओर बढ़ेगी.
सबकी नजरें 29 अप्रैल पर
फिलहाल, पूरे बिहार की निगाहें 29 अप्रैल को होने वाली इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में लिए गए फैसले राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा दे सकते हैं.







