नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने कहा, अभी आधा काम हुआ है। मैंने सिर्फ पर्दा हटाया है, मैं चाहता हूं कि जो भी उपस्थित है, आप सब करें। इसलिए आप अपना मोबाइल फोन निकालिए। अपने मोबाइल फोन का फ्लैश लाइट ऑन करिए। पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों ने भी हाथों में मोबाइल लेकर फ्लैश लाइट जलाई। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, अब यहां उपस्थित हर व्यक्ति इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहा है। यह आपकी अमानत है, यह आपका पुरुषार्थ है। इसलिए इसका उद्घाटन आपके हाथों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘ये एयरपोर्ट जनता की अमानत है। इसलिए एयरपोर्ट का उद्घाटन आप लोग करेंगे। मौजूद जनता एयरपोर्ट का उद्घाटन करे।’
इन टेक्निकल और सिक्योरिटी प्रॉसेस की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन में लगेगा समय
- एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी
एयरपोर्ट ऑपरेशन के लिए सबसे अहम प्रक्रिया एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) होती है. यह मंजूरी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) की तरह से जारी की जाती है. इस प्रोग्राम के तहत एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार किया जाता है, जिसमें पैसेंजर्स सिक्योरिटी चेक, बैगेज स्कैनिंग, एक्सेस कंट्रोल, सीसीटीवी निगरानी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम शामिल है. इसके अलावा, एयरपोर्ट के सीईओ सहित एयरपोर्ट पर काम करने वाले सभी स्टाफ का सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी शामिल है. एएसपी के तहत बीसीएएस की टीम यह सुनिश्चित करती है कि सभी सुरक्षा मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं या नहीं. - ट्रायल रन और टेस्ट फ्लाइट्स
उद्घाटन के बाद एयरपोर्ट पर ट्रायल रन और टेस्ट फ्लाइट्स आयोजित की जाती हैं. इसमें विमान की लैंडिंग और टेकऑफ का परीक्षण, रनवे की गुणवत्ता, लाइटिंग सिस्टम और ग्राउंड हैंडलिंग की जांच होती है. कई बार एयरलाइंस भी अपने स्तर पर डमी ऑपरेशन चलाकर तैयारी का आकलन करती हैं. इसके अलावा, इन लाइन बैगेज सिस्टम, चेक इन सिस्टम, एयरोब्रिज सहित पूरे ऑपरेशन प्रॉसेस को चेक किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया को ऑपरेशनल रेडिनेस एण्ड एयरपोर्ट ट्रांसफर (ORAT) कहा जाता है. एयरपोर्ट सोर्सेज के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट ऑपरेशनल रेडिनेस एण्ड एयरपोर्ट ट्रांसफर के प्रारंभिक फेज पूरा कर चुका है. - डीजीसीए से लाइसेंस और एयरोड्रम सर्टिफिकेशन
फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने से पहले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से एयरोड्रम लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है. इसके लिए रनवे, टैक्सीवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), फायर सेफ्टी और नेविगेशन सिस्टम की विस्तृत जांच की जाती है. डीजीसीए की टीम यह सुनिश्चित करती है कि एयरपोर्ट उड़ानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है. यहां राहत की बात यह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डीजीसीए की तरफ से एयरोड़म सर्टिफिकेट और लाइसेंस मिल चुका है. - एयरलाइंस और स्लॉट अलॉटमेंट
फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने से पहले एयरलाइंस को स्लॉट अलॉट किए जाते हैं. इसके तहत तय किया जाता है कि कौन सी एयरलाइन किस समय पर उड़ान भरेगी या उतरेगी. साथ ही, टिकट बुकिंग सिस्टम को भी एक्टिव किया जाता है ताकि पैसेंजर्स अपनी यात्रा प्लान कर सकें. इसके अलावा, एयरलाइंस एयरपोर्ट टर्मिनल पर अपने हिसाब से चेकइन, बैगेज मेकअप और बैगेज ब्रेकअप सिस्टम का ट्रायल करती है. - स्टाफ ट्रेनिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन
एयरपोर्ट के हजारों कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें सुरक्षा, कस्टमर सर्विस और इमरजेंसी हैंडलिंग शामिल होती है. इसके अलावा, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, चेक-इन काउंटर, इमिग्रेशन और कस्टम सिस्टम को पूरी तरह इंटीग्रेट किया जाता है.

दिल्ली एनसीआर को मिलेगा नया एयर ट्रैवल हब
पहले किन शहरों के लिए शुरू होंगी सेवाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सबसे पहले मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के लिए सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। जिसके बाद लखनऊ, अहमदाबाद, पुणे, गोवा, जयपुर जैसे शहरों के लिए भी सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बनेगा यूपी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ ही उत्तर प्रदेश, देश का सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर, यूपी में कुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की संख्या 5 हो जाएगी। केरल और तमिलनाडु में अभी 4-4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं।
नोएडा से यात्रियों को लेकर कब उड़ेगी पहली फ्लाइट
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू के अनुसार, आमतौर पर एयरोड्रोम लाइसेंस जारी होने और फ्लाइट सर्विस के शुरू होने के बीच 45 दिन से लेकर 60 दिनों तक का अंतर होता है। नोएडा एयरपोर्ट को इसी महीने 6 तारीख को एयरोड्रोम लाइसेंस मिला था। इससे ये संकेत मिलता है कि आज उद्घाटन होने के बाद अप्रैल के आखिर में या मई की शुरुआत में यहां से कमर्शियल सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह है। राजेश शर्मा नाम के एक स्थानीय युवक ने कहा, ”आज हमारे क्षेत्र और यहां रहने वाले लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में, जो सौगात इस क्षेत्र को मिलने जा रही है, वो अपने आप में ऐतिहासिक है। ये भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।”
अलीगढ़, मथुरा और आगरा को भी मिलेगा जबरदस्त फायदा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में स्थित होगा। ये एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में रहने वाले लोगों के लिए ही नहीं बल्कि अलीगढ़, मथुरा और आगरा में रहने वाले लोगों के लिए भी काफी फायदेमंद होगा। अभी इन सभी शहरों के लोगों को फ्लाइट लेने के लिए दिल्ली जाना होता है। लेकिन, जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से इन शहरों में रहने वाले लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी।







