पश्चिम एशिया में युद्ध का ताप लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों से ज्वालामुखी की तरह भड़क रहे मोर्चे पर ईरान भी सख्त पलटवार कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी थी। अब लगता है कि अमेरिका के छह सहयोगी देश भी सक्रिय हो गए हैं और ये देश बाधित होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद कर सकते हैं। इन देशों ने ऐसे समय मदद करने की बात कही है, जब ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़े हैं और गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट को ईरान ने निशाना बनाया। इन हमलों के चलते दुनियाभर में गैस और तेल का संकट हो सकता है। मदद करने का वादा करने वाले देशों में ब्रिटेन, जापान, नीदरलैंड्स, इटली, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया के कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने की अपील की थी, लेकिन सभी देशों ने उनकी अपील पर मदद करने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब जब वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है तो ये देश मदद के लिए तैयार हो गए हैं। इसके चलते ईरान पर दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी मीडिया के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि अमेरिका ईरान युद्ध में और सैनिक और युद्धपोत भेजने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका एफ-35 लड़ाकू विमान, बख्तरबंद गाड़ियां, मिसाइलें पश्चिम एशिया भेजने की योजना बना रहा है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच बहुत बड़ी खबर आ रही है। ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि उसने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट को मार गिराया है। बता दें कि ये बहुत बड़ी घटना इसलिए मानी जा रही है क्योंकि F-35 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ विमान है और इसे दुनिया का सबसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। ईरान के इस दावे के बाद अमेरिका का भी बयान सामने आया है।
ईरान और अमेरिका ने क्या कहा?
ईरान की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका का F-35 फाइटर जेट ईरान के एयरस्पेस में था तभी उसे हिट किया गया। ईरानी मीडिया की तरफ से वीडियो भी जारी किया गया है। हमले के बाद जेट को मिडिल ईस्ट के एक अमेरिकी एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। सबसे महंगे F-35 फाइटर जेट को लेकर अमेरिका का बयान भी सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट ईरान के ऊपर एक कॉम्बैट मिशन पर था तभी उस पर हमला हुआ। हालांकि, विमान सुरक्षित उतार लिया गया और पायलट पूरी तरह सुरक्षित है। अमेरिका ने कहा है कि वह इस मामले की जांच कर रहा है।
वीडियो में क्या दिखा
F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि विमान हवा में है और उसके पीछे एक विस्फोट होता है और धुंए का निशान दिखाई देता है। ईरान ने दावा किया है कि उसने लड़ाकू विमान को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है और इसकी काफी संभावना है कि ये विमान क्रैश हो गया हो।
UAE, कुवैत, जॉर्डन को हथियार बेचने की मंजूरी
ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका ने बड़ी डिफेंस डील को मंजूरी दी है। ईरान से मुकाबला करने के लिए अमेरिका ने UAE, कुवैत और जॉर्डन को 15.2 बिलियन डॉलर के हथियार बेचने की मंज़ूरी दी है। इस डील में UAE को 7.24 बिलियन डॉलर के हथियार मिलेंगे। इनमें F-16 अपग्रेड और 4.5 बिलियन डॉलर के Terminal High Altitude Area Defense SYSTEM मिलेगा। इसके साथ ही कुवैत को 8 बिलियन डॉलर के Lower Tier Air and Missile Defense Sensor रडार सिस्टम देगै। वहीं जॉर्डन के 70 मिलियन डॉलर के F-16/C-130 सपोर्ट देगा। इस डिफेंस डील का मकसद ऑयल साइट और टैंकर रूट की सुरक्षा करना, साथ ही ईरान के ड्रोन और मिसाइलों का मुकाबला करना है।
दुनिया में बढ़ सकती है तेल की कीमतें
कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट रास लफ्फान पर ईरान के हमले के बाद इसका पूरी दुनिया पर व्यापक असर पड़ सकता है। पेरिस के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी का मानना है कि इसकी मरम्मत में लंबा समय लग सकता है। सेंटर के विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मरम्मत में महीनों लग सकते हैं। ऐसा अनुमान है कि रास लफ्फान इस साल के आखिर तक शायद शुरू नहीं हो पाएगा। इसमें पांच साल भी लग सकते हैं और ऐसे में दुनियाभर में गैस की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
ईरान ने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को बनाया निशाना, अमेरिका ने भी की पुष्टि
ईरान ने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह अमेरिका के सबसे मूल्यवान, आधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक है और इसे अमेरिका की पांचवीं पीढ़ी की युद्धक क्षमताओं की रीढ़ माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ईरान द्वारा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से उनके एफ-35 लड़ाकू विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान का पायलट सुरक्षित है और इस घटना की जांच की जा रही है। ईरान का दावा है कि हमले के बाद लड़ाकू विमान क्रैश हो गया।
इस्राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर भारी हमलों का दावा किया
इस्राइली सेना ने अपने फारसी भाषा वाले सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि ये हमले तेहरान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसके सबूत या विस्तार नहीं बताए। इस्राइल की वायु सेना ने पहले ही बताया कि पिछले 24 घंटों में उसके विमान ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 130 से अधिक इन्फ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों पर दर्जनों हमले कर चुके हैं। सेना ने कहा कि वायु सेना लगातार बिना रुके हमले कर रही है।
आज अबतक क्या-क्या हुआ?
- ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर फिर हमला हुआ, तो वह किसी भी तरह की सीमा नहीं रखेगा। यह चेतावनी इस्राइल के बुधवार को साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद आई है।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस्राइल के हमले में अमेरिका का कोई हाथ नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्राइली पीएम नेतन्याहू को ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले बंद करने का निर्देश दिया।
- कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा नष्ट हो गया है, जिससे सालाना लगभग $20 बिलियन का नुकसान हुआ, यह जानकारी कतर एनर्जी के CEO ने दी।
- लेबनान में इस्राइल के हमलों के बाद मौतों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है। कम से कम 2,584 लोग घायल हुए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग मजबूरन अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
- कई यूरोपीय देशों, कनाडा और जापान के नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए मदद करने की अपनी “तैयारी” जताई है।
ईरान ने इस्राइल-अमेरिका पर हमलों का नया लहर शुरू किया
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसकी नई हमलों की लहर में केंद्रीय और दक्षिणी इस्राइल के क्षेत्रों, जिसमें तेल अवीव भी शामिल है, को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, ईरानी सेना ने पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं। यह जानकारी आईआरजीसी से जुड़े फार्स न्यूज एजेंसी ने दी।
रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले से कतर की LNG निर्यात क्षमता 17% घटी, नुकसान $20 बिलियन
कतर की ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों से देश की तरल प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता में 17% की कमी आई है। मंत्री साद शेरिदा अल-काबी के अनुसार, इस हमले के कारण कतार को सालाना लगभग $20 बिलियन का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।
कंपनी ने कहा कि उत्पादन सुविधाओं को ठीक होने में करीब पांच साल लग सकते हैं और इस वजह से उन्हें लंबी अवधि के लिए फोर्स मैज्योर की घोषणा करनी पड़ सकती है। इससे यूरोप और एशिया के बाजारों में गैस आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
7 देशों ने ईरान के हमलों और होर्मुज जलसंधि बंद करने की कोशिश की कड़ी निंदा की
कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इन देशों ने असैनिक वाणिज्यिक जहाजों, नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और तेल-गैस प्रतिष्ठानों पर हमले और होर्मुज जलसंधि को लगभग बंद करने की घटनाओं की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा की। साथ ही इन देशों ने ईरान से अनुरोध किया है कि वह अपनी धमकियां और जलसंधि बंद करने के प्रयास रोक दे। बयान में कहा गया है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है।
सऊदी अरब ने पूर्वी क्षेत्र में तीन ड्रोन नष्ट किए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इससे पहले, एक ड्रोन पूर्वी बंदरगाह शहर यानबू स्थित रिफाइनरी में गिर गया था। साथ ही, यानबू बंदरगाह की ओर जा रहे एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी नष्ट कर दिया गया। सऊदी अरब ने कहा कि सभी हमलों को समय रहते रोक लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
नेतन्याहू बोले- हवा से क्रांति नहीं हो सकती
नेतन्याहू ने कहा कि अब ईरान के पास यूरेनियम समृद्ध करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरानी लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे या देश पर नियंत्रण हासिल करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि हवा से क्रांति नहीं की जा सकती, इसके लिए जमीन पर भी कोई कदम होना चाहिए। जमीन पर कदम उठाने के कई रास्ते हो सकते हैं, लेकिन मैं उनका विवरण साझा नहीं करूंगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को इस युद्ध में नहीं धकेला गया है। अमेरिका इस्राइल के लिए नहीं, बल्कि इस्राइल के साथ मिलकर युद्ध लड़ रहा है।







