पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने दुनिया को हलकान कर रखा है. कई देश ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहे हैं. पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल के साथ ही गैस की कमी से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. स्थिति को देखते हुए इन देशों ने कीमतें भी बढ़ा दी है, जिसका असर जनता पर सीधे पड़ रहा है. तमाम देश ईरान युद्ध को बंद कराने में अपने-अपने स्तर से जुटे हैं. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में पहली बार सामूहिक तौर पर बड़ी पहल की है. पीएम मोदी ने पांच देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर वेस्ट एशिया के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने इसके साथ ही संघर्ष और तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने एनर्जी फैसिलिटी यानी पेट्रोल और गैस के संयंत्रों पर हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की है. बता दें कि इजरायल ने ईरानी ऑयल फील्ड पार्स तो ईरान ने कतर के रास लफान पेट्रोलियम एवं गैस प्लांट पर अटैक किया है. इससे व्यापक नुकसान हुआ है. अंदेशा है कि आने वाले समय में इस वजह से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं. उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है.
भारत का फुल सपोर्ट
कतर के अमीर Tamim bin Hamad Al Thani के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समर्थन का आश्वासन दिया और क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा की. उन्होंने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल और सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया. जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला-II से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्रीय हालात पर चिंता जताई. दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि संवाद और कूटनीति ही शांति बहाली का एकमात्र रास्ता है. पीएम मोदी ने जॉर्डन द्वारा संकटग्रस्त क्षेत्र से भारतीयों की सुरक्षित वापसी में निभाई गई भूमिका की सराहना भी की.
फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बात
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के साथ बातचीत में भी प्रधानमंत्री ने तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया. दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई. वहीं, ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq के साथ हुई बातचीत को प्रधानमंत्री ने प्रोडक्टिव बताया. उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संकट के दौरान हजारों लोगों, खासकर भारतीयों की सुरक्षित वापसी में ओमान की भूमिका की सराहना की. पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी बातचीत की है. उन्होंने वेस्ट एशिया की स्थिति पर साझा चिंता व्यक्त की. दोनों देशों ने तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति जताई.
बिगड़ते जा रहे हालात
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जो कथित तौर पर उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के जवाब में किए जा रहे हैं. यह गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है और कतर के साथ साझा किया जाता है. इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमले जारी रहे तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. वेस्ट एशिया में बढ़ते इस तनाव के बीच भारत का यह कूटनीतिक प्रयास क्षेत्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत ने स्पष्ट किया है कि वह संवाद, कूटनीति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा है और किसी भी तरह के सैन्य टकराव से बचने की वकालत करता है.