पटना के मरीन ड्राइव पर अपराधी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है। जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगी है। उसकी पहचान वैशाली के रहने वाले अमित कुमार के रूप में हुई है। अमित का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है।
मौके पर टाउन डीएसपी, DIU, और एसटीएफ मौजूद हैं। आरोपी को गोली लगने के बाद नजदीक के पीएमसीएच में एडमिट कराया गया है। मौके से पिस्टल मिली है। पुलिस की ओर से घटनास्थल को बैरिकेड कर दिया गया है और एफएसएल की टीम बुलाई गई है।
बताया जा रहा है कि अमित उर्फ नीतीश हाल ही में पटना सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान पीयूष नामक व्यक्ति के साथ मिलकर रौशन उर्फ तात्या पर हमला करने की नीयत से पहुंचा था. हालांकि उस समय भी पुलिस की सक्रियता के कारण वारदात टल गई थी. जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरी साजिश पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह के इशारे पर रची गई थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमित के पास से संदिग्ध सामान और मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है. उससे पूछताछ के बाद गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी.
शार्प शूटर है अमित
अमित शार्प शूटर है। दरअसल 27 जनवरी 2025 को पटना सिविल कोर्ट में पेशी के लिए आए सुबोध सिंह गैंग के रोशन ततीया की हत्या करने आया था। इसी दौरान पुलिस को इसकी भनक लग गई और हत्या से पहले पीयूष पकड़ा गया जबकि अमित फरार हो गया।
अमित ने जिस गैंग से सुपारी ली थी उसके बारे में पुलिस उसे पूछताछ कर रही है।
कोर्ट की सुरक्षा में सेंधमारी
27 जनवरी 2026 की सुबह पटना सिविल कोर्ट में दो हथियारबंद अपराधियों ने घुसने का प्रयास किया जिसमें से पीयूष नाम का अपराधी गेट पर ही चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। दूसरा आरोपी कोर्ट परिसर में घुस गया हालांकि पुलिस की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई।
इसके बाद अपराधी के मंसूबे पर पानी फिर गया और वह फरार हो गया। पीयूष से जब पूछताछ हुई तो उसने बताया कि वैशाली का रहने वाला अमीत पटना सिविल कोर्ट में उसे अपने साथ बाइक पर लाया था।
किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना था फिर उसके निशानदेही पर ही पुलिस अमित की तलाश कर रही थी, लेकिन वो फरार हो जा रहा था। आज तड़के सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि अमित मरीन ड्राइव से होकर भाग रहा है इसी दौरान पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने फायरिंग कर दी इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी पटना में अपराधियों और पुलिस के बीच कई मुठभेड़ हो चुकी हैं. पिछले वर्ष भी कंकड़बाग और बाइपास इलाके में पुलिस ने कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जिससे शहर में बड़ी आपराधिक घटनाएं टली थीं. हालिया एनकाउंटर को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है, जहां पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी वारदात को समय रहते विफल कर दिया गया.







