इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे. साथ ही कृषि मंत्री और विभाग के आला अधिकारी भी शिरकत करेंगे. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की घड़ी में किसानों को बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी तरीके से आर्थिक मदद समय पर मिल सके.
कृषि विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद प्रभावित किसानों की सूची तैयार की गई है। अनुदान की राशि फसल क्षति के प्रकार के आधार पर तय की गई है:
- असिंचित क्षेत्र: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर.
- सिंचित क्षेत्र: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर.
- शाश्वत फसलें (जैसे गन्ना): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर.
- न्यूनतम सहायता: किसी भी प्रभावित किसान को कम से कम ₹1,000 (असिंचित) या ₹2,000 (सिंचित) की राशि अनिवार्य रूप से दी जा रही है.
नोट: यह लाभ अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की भूमि के लिए ही देय है.
संकट में किसानों का संबल बनी सरकार
बिहार सरकार ने इस साल के बजट (Budget 2026) में भी किसानों के लिए ‘जन नायक कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि’ जैसी योजनाओं के जरिए अतिरिक्त आर्थिक मदद का ऐलान किया है. आज की यह त्वरित सहायता उन सीमांत और छोटे किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी जिनका निवेश तूफान ने मिट्टी में मिला दिया था. मुख्यमंत्री के इस कदम से किसानों में खुशी की लहर है, क्योंकि बुवाई के नए सीजन से पहले यह नकद राशि उनके हाथ में होगी.







