राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिन के दौर पर विशाखापट्टनम पहुंचीं। यहां वो अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रीव्यू 2026 में शामिल हुईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशाखापत्तनम में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा के दौरान कहा कि भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के साथ-साथ व्यापक समुद्री वाणिज्य गतिविधियों की स्थिरता में भी योगदान दे रही है।
बंगाल की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर सवार होकर विशाखापत्तनम तट पर अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू…. आईएफआर) की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना समुद्र में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और खतरों के खिलाफ रक्षा और प्रतिरोध के एक विश्वसनीय साधन के रूप में क्षेत्र में तैनात है।
मुर्मू ने कहा, ‘भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सर्तक है और व्यापक समुद्री वाणिज्यिक गतिविधियों की स्थिरता में योगदान दे रही है।’
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना दुनिया भर की नौसेनाओं के साथ सद्भावना को बढ़ावा देने और विश्वास, भरोसे व दोस्ती का सेतु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुर्मू ने कई भारतीय और विदेशी जहाजों का निरीक्षण करने के बाद आईएफआर को संबोधित किया।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होने के नाते इस कार्यक्रम का निरीक्षण किया।
- अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रीव्यू 2026 इंटरनेशनल नेवल डेलिगेशन, जहाजों, सबमरीन और एयरक्राफ्ट की एक सेरिमोनियल बैठक है।
- फ्लीट रीव्यू 2026 की शुरुआत राष्ट्रपति बैंक्वेट से हुई।
- 18 फरवरी को राष्ट्रपति भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का रीव्यू करेंगी।
- इससे पहले 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में फ्लीट रीव्यू का आयोजन हुआ था।
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा।
- दूसरे देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को करीब से देख सकेंगी।
- विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है।
- यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।
- यह पहली बार है, जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।







