पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जब भी किसी रेप कांड पर सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते है तब तब वे जेल का हवा खाते हैं। इस संयोग को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल तो उठने ही लगे हैं। कई नेताओं ने एनडीए सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। जानिए कब- कब रेप कांड का पप्पू यादव ने विरोध किया और वे जेल गए। सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना था कि सांसद ने अदालत द्वारा जारी वारंट को इग्नोर किया।
कोर्ट में पेश नहीं हुए पप्पू
वे बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद न्यायालय में पेश नहीं हुए। जिस मामले में पप्पू यादव गिरफ्तार हुए वह मामला वर्ष 1995 का है और इसमें धोखाधड़ी और किराए की संपत्ति के दुरुपयोग के आरोप लगाया गया था। उनपर आईपीसी की पुरानी धारा के तहत धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी लगाया गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चरवाहा है कि पप्पू यादव ने चुकी NEET छात्रा की मौत पर खुलकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने छात्रावास प्रबंधन, अस्पताल व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर तो सवाल उठाया ही साथ ही किसी बड़े राजनीतिज्ञ को इस मामले से जोड़ रहे थे। इस से सरकार की बदनामी हो रही थी।
अंदर की चर्चा
चर्चा यह है कि चुकी पप्पू यादव पुलिस प्रशासन पर मामले की लीपापोती का आरोप खुलेआम लगा रहे थे,इस लिए पुलिस प्रशासन ने एक पुराने मामले के आधार पर पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोप तो उन पर यह भी है कि वे पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध खड़े कर रहे थे। वर्ष 2019 में भी उठाया था रेप का मामला वर्ष 2021 में भी एक बार सोई प्रशासन का कमल दिखा था। तकरीबन 32 साल के एक पुराने अपहरण मामले में पप्पू यादव को हिरासत में लिया था। तब भी पप्पू यादव बिहार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किए थे। तब पप्पू यादव ने ट्वीट कर लिखा कि आखिर किसको मुझ से डर है, कौन मुझे जेल में कैद रखने की साजिश रच रहा है?
32 साल पुराना मामला
32 साल पुराने मामले पर पटना पुलिस की नींद तब टूटी जब वे 2019 में बेटियों के रेप के खिलाफ जनांदोलन खड़ा कर रहे थे। तब भी यह आरोप लगे थे कि सरकार इस जनांदोलन से घबरा कर पप्पू यादव को गिरफ्तार की थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिहार सरकार को कठघरा में खड़ा करते कहा कि नीट रेप मामले को सांसद पप्पू यादव ने गंभीरता से उठाया इसलिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है? बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में एक ही पैटर्न दिखाई देता है। प्रियंका ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर कहा कि चुकीं पप्पू यादव इस छात्रा के लिए न्याय की आवाज उठा रहे थे और उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह कदम सरकार के असंवेदनशील और दमनकारी रवैये को उजागर करता है।







