आज संसद के बजट सत्र का 5वां दिन है। दोनों सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जारी रहेगी। पहले दिन चर्चा की शुरुआत होने के बाद कर्नाटक से निर्वाचित भाजपा के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान के बाद विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए। हालांकि, राहुल ने अपने भाषण में कुछ ऐसे तथ्यों का उल्लेख किया, जिसका सत्ता पक्ष की तरफ कड़ा विरोध किया गया। सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 45 मिनट से अधिक समय तक हुए इस हंगामे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के बयानों पर आपत्ति दर्ज कराई। स्पीकर ओम बिरला ने भी कहा कि किसी भी मैगजीन, किताब या अखबार में छपे विषयों पर सदन में चर्चा की अनुमति नहीं है। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध नहीं थमा और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शाम करीब पांच बजे स्थगित कर दी गई।
आज सुबह भी 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, वैसे ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बजट सत्र में लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विपक्ष हंगामा कर रहा है। हंगामा न थमने पर चंद मिनटों के बाद ही स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में अहम विधायी कामकाज निपटाए जा रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष का हंगामा
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू किया। पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है जैसे भारत की राजधानी नई दिल्ली से हटकर वॉशिंगटन डीसी हो गई है और प्रधानमंत्री मोदी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। भारत के सभी फैसलों की जानकारी हमें वॉशिंगटन डीसी और वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों से मिल रही है, जो खुद ऐलान कर रहे हैं।
प्रमोद तिवारी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी हमें परेशान कर रही है। यह देश के स्वाभिमान के खिलाफ है, उसकी संप्रभुता के खिलाफ है और उसके गौरवशाली इतिहास के भी खिलाफ है। कार्रवाई कीजिए और सच बोलिए। हम यह सच आपसे भारतीय संसद में, देश की राजधानी दिल्ली में सुनना चाहते हैं। कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर देश और संसद के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा- अब ऐसा पैटर्न लग रहा है कि हमारी सरकार या हमारे PM के जरिए भारत को पता नहीं चलता कि क्या हो रहा है या डील क्या है। चाहे वह सीजफायर की घोषणा हो या ट्रेड डील की घोषणा। ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ही सारी घोषणाएं कर रहे हैं। तो क्या हमने राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिका के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है? क्या हमारी अपनी कोई पहचान नहीं है? माथेर ने कहा कि हमें कई चीजो पर क्लैरिटी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रम्प कहते हैं कि भारत रूस से नहीं बल्कि वेनेज़ुएला और अमेरिका से तेल खरीदने वाला है। एग्रीकल्चर सेक्टर को खोला जाएगा। तो, हमारे किसानों की सुरक्षा क्या है? वे यह भी कहते हैं कि भारतीय बाजार में अमेरिकी सामानों पर टैरिफ जीरो होगा, जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो संसद और भारत के लोगों का विश्वास जरूर जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसलिए ट्रम्प EU डील और अमेरिका के साथ ट्रेड डील को संसद में पेश कर सकते हैं। हम संसद में इस पर चर्चा कर सकते हैं और सरकार को समझाने दें। हम सच में चाहते हैं कि हमें यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति से सुनने के बजाय अपने लोगों से सुनने को मिले।
बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव
बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं।







