ममता बनर्जी SIR के मुद्दे पर रविवार रात को SIR में विसंगतियां और प्रताड़ना झेलने वाले परिवारों को लेकर दिल्ली पहुंची हैं. इस बीच उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस बंगाल से गए लोगों को प्रताड़ित कर रही है. इस क्रम में सोमवार सुबह उन्होंने चाणक्यपुरी और हेली रोड स्थित बंग भवन का दौरा किया, जहां ये परिवार रुके हुए हैं.
यहां उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा बंग भवन के आसपास लगाई गई निगरानी पर सवाल उठाया. दरअसल दिल्ली में बंग भवन बंगाली लोगों के लिए बेहद अहम है. बंगाल से आने वाले लोगों के लिए बंग भवन ठिकाना होता है. साथ ही दिल्ली में भी परेशानी होने पर बंगाल के लोग बंग भवन में शरण लेते हैं. हाल ही में SIR में परेशानी झेल रहे कई लोगों ने बंग भवन में शरण ली थी.
उन्होंने कहा कि मैं सिंबोलिक 100 लोगों को लेकर आई हूं, जिन्हें SIR में मृत दिखा दिया गया है लेकिन वे जिंदा हैं, इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके परिवार में SIR के चलते किसी की मौत हो गई है. इन लोगों को दिल्ली पुलिस जगाकर सता रही है.
ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निगरानी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप लोगों के जैसे भाई-बहन है, वैसे ही हमारे भाई-बहन हैं. अगर किसी की SIR में डेथ हो गई है, तो वो लोग अपने परिवार के साथ सुप्रीम कोर्ट के पास बात करने को आए हैं. हम कोई प्रदर्शन करने के लिए नहीं आए. अगर हम प्रदर्शन करते तो आपका दिमाग खराब कर देते. आप हमारे लोगों को परेशान मत करो. ये लोग क्या सड़क पर रुकेंगे. ये ठीक नहीं है. जिन जगह पर ये लोग रहते हैं, आप वहां जाकर लोगों को परेशान कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि SIR में 150 की डेथ हो गई. हमारे अधिकारियों को धमका रहे हैं. हम इंसाफ के लिए दिल्ली आए हैं. हम प्रताड़ित को सुरक्षा देने के लिए आए हैं. हमने दिल्ली में कभी इसके पहले इस तरह का टॉर्चर नहीं देखा, हमने भी दिल्ली में 15 साल बिताए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मृत लोगों के परिवार मीडिया के साथ बात नहीं कर सकते?







