यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है. बिहार की राजधानी पटना में आज इस मुद्दे पर बड़ा छात्र प्रदर्शन होने जा रहा है. छात्र संगठनों का कहना है कि नए नियमों से विश्वविद्यालयों में अव्यवस्था बढ़ सकती है. इस मुद्दे को लेकर छात्र सड़कों पर उतरेंगे. ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) और सवर्ण समाज एकता मंच से जुड़े छात्र इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन दिनकर चौक गोलंबर पर दोपहर एक बजे किया जाएगा। बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देश में विवाद चल रहा है. ये नियम 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए हैं. इन नियमों का नाम “उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से जुड़े नियम, 2026” है. इस विवाद से जुड़े तमाम अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें…..
इस बीच बिहार की सत्तारूढ़ जेडीयू ने अपना रुख साफ किया है. पार्टी के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार दिया गया है. किसी भी वर्ग में नाराजगी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार “न्याय के साथ विकास और सम्मान” की राजनीति के प्रतीक हैं.
जीतन राम मांझी की पार्टी ने क्या कहा?
वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम (HAM) की ओर से भी बयान आया है. बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने गया में कहा कि सरकार जो भी बिल लाती है, वह जनहित में होता है. पहले नियमों को पढ़ना और समझना चाहिए, उसके बाद ही विरोध या समर्थन करना चाहिए.
वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम (HAM) की ओर से भी बयान आया है. बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने गया में कहा कि सरकार जो भी बिल लाती है, वह जनहित में होता है. पहले नियमों को पढ़ना और समझना चाहिए, उसके बाद ही विरोध या समर्थन करना चाहिए.
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा. हालांकि, छात्रों का एक वर्ग इन नियमों को लेकर आशंकित है.
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा. हालांकि, छात्रों का एक वर्ग इन नियमों को लेकर आशंकित है.
क्या है नया नियम?
यूजीसी के नए नियम 13 जनवरी को लागू किए गए हैं, जिनमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में “समानता समिति” बनाना अनिवार्य किया गया है. इसमें एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाएं और दिव्यांगों को शामिल करने का प्रावधान है. इन नियमों को लेकर बिहार समेत पूरे देश में सियासी और छात्र राजनीति गरमा गई है.
यूजीसी के नए नियम 13 जनवरी को लागू किए गए हैं, जिनमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में “समानता समिति” बनाना अनिवार्य किया गया है. इसमें एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाएं और दिव्यांगों को शामिल करने का प्रावधान है. इन नियमों को लेकर बिहार समेत पूरे देश में सियासी और छात्र राजनीति गरमा गई है.







