77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना स्थित अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग पर ध्वजारोहण किया. तिरंगे को सलामी देते हुए उन्होंने देशवासियों और बिहार के सभी नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर उन्होंने संविधान की ताकत, लोकतंत्र की भूमिका और नागरिक कर्तव्यों पर जोर देते हुए विकास और एकता का संदेश दिया.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग पर 77वें गणतंत्र दिवस का औपचारिक कार्यक्रम सम्पन्न किया. ध्वजारोहण के बाद उन्होंने तिरंगे को सलामी दी. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान गूंजा और पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक देश बना. उन्होंने कहा कि संविधान ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया है. स्वतंत्रता, समानता, बंधुता और न्याय जैसे मूल्य ही भारत की असली पहचान हैं. इन मूल्यों के कारण ही देश विविधताओं के बावजूद एकजुट है.
नीतीश कुमार ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है. यह दिन हमें याद दिलाता है कि अधिकारों के साथ कर्तव्य भी जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि जब तक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन नहीं करेंगे, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता. समाज में भाईचारा और आपसी सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्य का कोई भी इलाका विकास से वंचित न रहे, इसके लिए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है.
नीतीश कुमार ने कहा कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती हैं. बिहार सरकार इन दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने कहा कि गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की जिम्मेदारी है. बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना ही विकास का असली उद्देश्य है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को विशेष संदेश दिया. उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनके कंधों पर राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. युवाओं को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक मूल्यों को अपनाना भी जरूरी है







