सोने की कीमतें हाल के दिनों में नए-नए रिकॉर्ड कायम कर रही हैं. सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर से बढ़ रही है. दरअसल, रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरना, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्रीनलैंड को लेकर भू-राजनीतिक तनाव, RIL जैसी बड़ी कंपनियों के निराशाजनक नतीजे सोने की मांग को बढ़ावा दे रहे हैं. यही वजह है कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. फिलहाल, इसमें कोई गिरावट आने का कोई संकेत नहीं है.
नए ऑल-टाइम हाई लेवल पर सोना
शुक्रवार तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1.6 लाख रुपये के नए ऑल-टाइम हाई के लेवल पर पहुंच गई. पिछले एक साल में सोने की कीमत लगभग 93 परसेंट तक बढ़ी है. हालांकि, 23 जनवरी को सोने और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETFs) में थोड़ी सी गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन फिर से भाव 17 परसेंट तक उछल गए.
आज भी 24 कैरेट सोने की कीमत 15,862 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के 15,715 रुपये के रेट से 147 रुपये ज्यादा है. वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,58,620 रुपये तक पहुंच गया है, जो कल के 1,57,150 रुपये के मुकाबले 1,470 रुपये ज्यादा है.
गोल्डमैन सैक्स ने लगाया अनुमान
सोने की कीमत में इस जबरदस्त तेजी के बाद ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के अंत तक सोने का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 5400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है. यानी कि लगभग 1,75,160 रुपये प्रति 10 ग्राम. यह इसके पहले के 4900 डॉलर प्रति औंस या लगभग 1,58,960 रुपये प्रति 10 ग्राम के अनुमान से काफी ज्यादा है. सूत्रों के अनुसार, सोने की कीमत में 10 परसेंट से यह पता चलता है कि गोल्डमैन को डिमांड में एक स्ट्रक्चरल बदलाव देखने को मिल रहा होगा. उनका मानना है कि प्राइवेट इन्वेस्टर और उभरते बाजारों के सेंट्रल बैंक धीरे-धीरे पारंपरिक रिज़र्व एसेट से दूर जा रहे हैं और सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं.







