वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक दावोस में 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलेगी. भारत ने इस बार अब तक की सबसे बड़ी टीम भेजी है. भारत की टीम दुनिया को बताएगी कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और निवेश के लिए अच्छा जगह है. राज्य सरकारें अपने राज्यों में निवेश बुलाने पर फोकस करेंगी.
भारत की टीम दावोस टीम में कौन-कौन शामिल हैं?
भारत का मकसद दुनिया को बताना है कि भारत वैश्विक तनाव के बीच कहां खड़ा है और निवेशकों को भारत आने के लिए न्यौता देना है. टीम में NSA, मंत्री, मुख्यमंत्री, CEO और अन्य लोग शामिल हैं. राज्य सरकारें निवेशकों को अपने राज्यों में बुलाने की कोशिश कर रही हैं. भारत का संदेश है- ‘भारत के साथ पार्टनरशिप करो और भविष्य में शामिल हो जाओ’.
दावोस में भारत की टीम को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल लीड कर रहे हैं. इस टीम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू समेत 6 मंत्री शामिल हैं.
मुख्यमंत्री: महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के CM एन. चंद्रबाबू नायडू, असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव, तेलंगाना के CM ए. रेवंत रेड्डी और झारखंड के CM हेमंत सोरेन समेत कई मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.
CEO और बिजनेस लीडर: इनमें रिलायंस के मुकेश अंबानी, टाटा ग्रुप के एन. चंद्रशेखरन, बजाज ग्रुप के संजीव बजाज, जुबिलेंट भारतिया ग्रुप के हरि एस. भारतिया, TVS मोटर के सुंदरशन वेणु और महिंद्रा ग्रुप के अनीश शाह समेत कई हस्तियां होंगी.
इन्फ्लुएंसर्स: मासूम मिनावाला मेहता, बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, इन्वेस्ट इंडिया की निवृति राय, अपोलो हॉस्पिटल्स की संगीता रेड्डी और वेलस्पन लिविंग की दीपाली गोयनका समेत कई इन्फ्लुएंसर शामिल हैं.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मीटिंग में NSA का क्या काम है?
अजीत डोभाल को दावोस भेजने के पीछे भारत की ओर से एक बहुत मजबूत संदेश है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ स्ट्रैटेजिक और जियोपॉलिटिकल मुद्दे भी जरूरी हैं. दावोस में सिर्फ इकोनॉमिक्स की बात नहीं होती, बल्कि ग्लोबल चैलेंजेस जैसे भू-राजनीतिक तनाव, सिक्योरिटी, AI, टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट पर भी चर्चा होती है. NSA अजीत डोभाल दावोस गए हैं क्योंकि WEF अब सिर्फ इकोनॉमिक फोरम नहीं रहा. यह ग्लोबल डायलॉग का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है, जहां सिक्योरिटी और इकोनॉमी दोनों की बात होती है. उनकी मौजूदगी भारत की मजबूत स्ट्रैटेजिक इमेज को और मजबूत करती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, WEF सिर्फ बिजनेस मीटिंग नहीं है, बल्कि ग्लोबल लीडर्स (प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, CEO, मंत्री) मिलकर दुनिया के बड़े मुद्दों पर बात करते हैं. NSA डोभाल की मौजूदगी से स्ट्रैटेजिक डायलॉग पर जोर दिया जा रहा है. भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था है, लेकिन साथ ही ग्लोबल सिक्योरिटी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है. डोभाल जैसे अनुभवी NSA इन मुद्दों पर ग्लोबल लीडर्स से बात करते हैं.
PM मोदी ने अजीत डोभाल को ही WEF में क्यों भेजा?
इस फोरम में दुनियाभर के 130 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसका हिस्सा बनेंगे. इस वजह से अजीत डोभाल का चयन किया गया है. विदेश मामलों के जानकार और JNU के रिटायर्ड प्रोफेसर ए. के. पाशा कहते हैं, ‘इस फोरम में डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे, इसलिए PM मोदी ने अजीत डोभाल को भेजा है, क्योंकि वह खुद ट्रंप ने नहीं मिलना चाहते. NSA को भेजकर वह दिखाना चाहते हैं कि अमेरिका के दबाव के आगे भारत झुकेगा नहीं.’
ए. के. पाशा ने कहा, ‘भारत की कोशिश है कि इस फोरम में अमेरिका से कोई डील हो जाए. अजीत डोभाल PM मोदी के सबसे भरोसेमंद अधिकारी हैं और सलाहकार भी हैं. इस वजह से उनको भेजकर PM मोदी ने बड़ा मैसेज दिया है. डोभाल इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे.’
भारत दावोस में क्या करेगा और क्या उम्मीदें हैं?
केंद्रीय मंत्री भू-आर्थिक तनाव, जरूरी मिनरल्स और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर बात करेंगे. चंद्रबाबू नायडू कई इंडस्ट्रियलिस्ट से मिलेंगे और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. हेमंत सोरेन एनर्जी ट्रांजिशन मॉडल दिखाएंगे. भारतीय नेता कई डिस्कशन में शामिल होंगे, जैसे ‘क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?’. इसका मुख्य संदेश है कि भारत के साथ पार्टनर बनो और एक विश्वसनीय भविष्य में शामिल हो जाओ.
भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या अनुमान हैं?
WEF के प्रेसिडेंट और CEO बोर्ज ब्रेंडे ने कहा है कि 2026 में भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ने वाला देश होगा. भारत वैश्विक विकास का 20 प्रतिशत हिस्सा दे सकता है. यह विकास पूरे दुनिया के लिए अच्छा है क्योंकि यह बहुत बड़ा है. ब्रेंडे ने मोदी सरकार की तेज और मजबूत सुधारों की तारीफ की है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और इसकी थीम क्या है?
WEF एक बड़ा वैश्विक फोरम है जहां दुनिया के नेता, मंत्री, CEO और विशेषज्ञ मिलकर अर्थव्यवस्था, राजनीति, सुरक्षा और अन्य बड़े मुद्दों पर बात करते हैं. यह स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में हर साल जनवरी में होता है. 2026 की 56वीं बैठक का थीम है ‘A Spirit of Dialogue’ यानी ‘संवाद की भावना’. यहां देशों के बीच बातचीत बढ़ाने पर जोर है, खासकर जब दुनिया में अमेरिका-चीन और रूस-यूक्रेन जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं.







