पटना में नीट छात्रा मौत मामले में पुलिस आज खुलासा कर सकती है। 1.30 बजे DGP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इधर, ‘डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कहा कि है सरकार की ओर से पुलिस को पूरी छूट है। SIT अपना काम कर रही है। जो भी दोषी होगा उसे खींचकर सभी के सामने लाया जाएगा।’
इधर, मामले में राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। पटना में आज कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन कर रही है। इसमें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद हैं। महिला कार्यकर्ता गृह मंत्री के लिए चूड़ियां लेकर पहुंची हैं।
रोहिणी ने भी सरकार को घेरा
वहीं लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘पूछता है बिहार.. कब होंगे आरोपी गिरफ़्तार ?’
‘सवालों पर गौर फरमाए बिहार सरकार : पटना हॉस्टल रेप कांड के मामले में ना तो अभी तक हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपती की गिरफ़्तारी हुई , ना ही अग्रवाल दंपती के आरोपी पुत्र की गिरफ़्तारी हुई है ?’
मामले में पुलिस ने 3 करीबियों को को हिरासत में लिया है, इनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच चुका है। राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिका दायर की गई है।
हिरासत में 3 करीबी, आज हो सकता खुलासा
पटना में NEET छात्रा रेप-मौत मामले में रविवार देर रात स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मृतका के करीबी 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, इनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SIT को टेक्निकल इनपुट के आधार पर जांच में लीड मिली थी। प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के सभी स्टेक होल्डर्स की गतिविधियों की जांच चल रही है। संदेह है कि इलाज के दौरान भी साजिश रची गई है। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस आज यानी सोमवार को इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है।
दरअसल, नीट छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी। वह पटना के हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। घटना के ठीक एक दिन पहले ही वह घर से आई थी।
राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर
पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिका दायर की गई है। छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए रेप और गहरी चोट को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता एसके.झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है।
उन्होंने रिटायर्ड जज की निगरानी में मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र लिखा गया है।
अस्पताल में प्रदर्शन करने पहुंचे थे पप्पू यादव
शनिवार की देर रात पटना में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव प्रदर्शन के लिए निकल पड़े। पप्पू यादव एक निजी अस्पताल के पास भारी संख्या में समर्थकों के साथ जुटे गए। वे पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते दिखे।
पप्पू यादव ने कहा कि, ‘प्रभात मेमोरियल के एक डॉक्टर से मेरी बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि लड़की इलाज के दौरान होश में आई थी, लेकिन जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया। परिवार के सदस्यों को मनीष रंजन का गार्ड उलझाकर रखा।’
कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस की ओर से बताया गया है कि सुबह 11:45 बजे पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. इस प्रदर्शन में कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम शामिल रहेंगे. कांग्रेस का आरोप है कि छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने शुरू से ही लापरवाही बरती और सच्चाई को दबाने की कोशिश की गई. पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर समय पर सही जांच होती तो आज यह नौबत नहीं आती.
इधर, मामले की जांच कर रही SIT (विशेष जांच टीम) ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है. SIT की टीम ने डॉ. सहजानंद के क्लीनिक में घंटों तक पूछताछ की. इस दौरान मेडिकल स्टाफ से कई अहम सवाल पूछे गए. टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को जब क्लीनिक लाया गया था, तब स्थानीय थाना को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई. इसके अलावा, छात्रा को लेकर कितने लोग आए थे, वे कितनी देर तक क्लीनिक में रुके और उसे वहां भर्ती क्यों नहीं किया गया, जैसे सवालों के जवाब तलाशे गए.
SIT ने यह भी पूछा कि छात्रा को प्रभात मेमोरियल अस्पताल ले जाने की सलाह किसने दी और इसके पीछे क्या वजह थी. जांच एजेंसी का मानना है कि इलाज से जुड़े हर फैसले की सही टाइमलाइन सामने आना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर SIT की टीम दोबारा भी डॉ. सहजानंद के क्लीनिक जाकर जांच कर सकती है. हालांकि, जांच को लेकर एक और सवाल खड़ा हो गया है. SIT के साथ चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रोशनी कुमारी भी क्लीनिक पहुंची थीं, जबकि उन्हें आधिकारिक रूप से SIT में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि SHO के वहां मौजूद रहने से जांच प्रभावित तो नहीं होगी.
बता दें कि जहानाबाद की रहने वाली यह छात्रा पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी. वह अपने कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी और कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. पहले पुलिस ने इसे आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने शुरू से ही दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई.
14 जनवरी को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हालात बदल गए. रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पटना की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. नीट अभ्यर्थियों ने इनकम टैक्स चौराहे पर मार्च निकालकर बिहार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने मामले में गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया है, लेकिन लोग अब भी निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के भी मृतका के परिजनों से मिलने की संभावना है. कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल एक जांच नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल बनता जा रहा है.
पुलिस की कार्यशैली पर पप्पू यादव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस साजिशन मनीष रंजन को रिमांड पर नहीं ले रही है।’
छात्रा की मौत पर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन
छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बिहार में प्रदर्शन हो रहा है। शनिवार को बेगूसराय में NSUI की ओर से प्रदर्शन किया गया। जहानाबाद में भी लोगों ने आक्रोश मार्च निकाला। इसमें कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा, ‘राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुका है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। इस मामले में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को पटना SSP से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि जिनके साथ गलत हुआ है, उन्हें न्याय मिले।







