• होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय

ईरान में अब तक 2571 लोगों की मौत; आज हो सकती है खामेनेई के विरोधी इरफान सुल्तानी को फांसी………….

UB India News by UB India News
January 15, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय
0
ईरान में अब तक 2571 लोगों की मौत; आज हो सकती है खामेनेई के विरोधी इरफान सुल्तानी को फांसी………….
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

ईरान में लोगों का आंदोलन अब क्रांति का रूप ले चुका है और यह 18वें दिन भी जारी है. ट्रंप के हस्तक्षेप की धमकियों के बीच ईरान का खामेनेई शासन प्रदर्शनकारियों पर बेहद सख्ती बरत रहा है. सुरक्षाबलों के साथ झड़पों में 2,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 10,000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं. हिंसक प्रदर्शनों के बीच बुधवार को 26 साल के युवा प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी दी जा सकती है.

ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ जनता का हल्ला बोल जारी है। जनता सुप्रीम नेता के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं अब तक विरोध प्रदर्शनों में 2500 से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है। जबकि 18 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’

RELATED POSTS

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स को देख जला अमेरिका का खून………….

इरफान सुल्तानी को आज हो सकती है फांसी

ईरानी सरकार ने पहले प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा के बाद पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को सजा-ए-मौत दी जाने जा रही है। सरकार ने 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को फांसी पर लटकाने का फैसला किया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इरफान को आज ही फांसी दी जा सकती है।मध्य ईरान के फार्दिस में कपड़ों की दुकान चलाने वाले सुल्तानी को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. उन्हें जेल भेजा गया और जल्द ही मौत की सजा सुना दी गई. एक मानवाधिकार संगठन ने कहा कि उनका ‘एकमात्र अपराध आजादी के लिए नारा लगाना’ है. ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ के मुताबिक, इरफान सुल्तानी के खिलाफ 11 जनवरी को एक अदालती सुनवाई हुई. इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उन पर ‘मोहारेबेह’ यानी ‘अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ का आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुना दी.

अमेरिका ने व्यापारिक देशों को टैरिफ की धमकी दी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव और बढ़ा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों को सच्चे देशभक्त भी बताया है। दूसरी ओर, रूस ने अमेरिका की इस नीति की आलोचना की है। रूस का कहना है कि ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देना और सैन्य धमकियां देना कबूल नहीं किया जा सकता।

सुल्तानी पर सरकार के खिलाफ जंग भड़काने का आरोप

सुल्तानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का आरोप लगाया गया है। यह ईरानी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक है, जिसकी सजा मौत (फांसी) होती है।

यह आरोप आमतौर पर उन लोगों पर लगाया जाता है, जो सरकार के खिलाफ विद्रोह या जंग भड़काने के दोषी माने जाते हैं। सुल्तानी को ट्रायल, वकील या अपील का मौका नहीं दिया गया। गिरफ्तारी के बाद परिवार को बताया गया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है और 14 जनवरी को इसे अमल में लाया जाएगा।

मानवाधिकार संगठन और एक्साइल एक्टिविस्ट्स का कहना है कि यह फास्ट-ट्रैक एक्जीक्यूशन (रैपिड/शो ट्रायल) का हिस्सा है। सरकार का मकसद डर फैलाकर बाकी हजारों प्रदर्शनकारियों (10,000+ गिरफ्तार) को चुप कराना है। यह विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली फांसी होगी।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे अधिक लोगों को फांसी देने वाला देश है। नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार समूह के मुताबिक, पिछले साल ईरान ने कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी।

ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है

प्रदर्शनों के बीच ट्रम्प ने ईरान में लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा-

ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान के सभी 31 प्रांतों में 600 से ज्यादा प्रदर्शन हुए हैं। CNN के मुताबिक अब तक ईरान में मरने वालों की संख्या 2400 से ज्यादा हो गई है।

कतर ने शांति की अपील की

ईरान में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कतर ने हालात को शांत करने की कोशिशों का समर्थन किया है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के सुरक्षा अधिकारियों से फोन पर बातचीत के बाद कहा कि दोहा तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान की सभी कोशिशों के साथ खड़ा है।

ट्रंप की चेतावनी: प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो अमेरिका करेगा कड़ी कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मदद आ रही है’ और उन्होंने ईरान में रह रहे अमेरिकियों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह कार्रवाई किस तरह की होगी। ट्रंप ने कहा अगर उन्हें फांसी दी गई, तो आप कुछ ऐसा देखेंगे, जो अब तक नहीं देखा गया।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। उन्होंने ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा आरोप लगाया। लारीजानी ने लिखा हम ईरान के लोगों के मुख्य हत्यारों के नाम बताते हैं-

  • पहला: ट्रंप
  • दूसरा: नेतन्याहू।

दावा- ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या

दूसरी ओर ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल का दावा है कि ईरान में बीते 17 दिनों में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी गई।

वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। वहीं, रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या 2000 बताई है।

वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्सेज पर आधारित है। इस डेटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड्स’ और ‘बसीज फोर्स’ ने गोली मारकर की हैं और ये सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है कि अधिकतर हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। सरकार इंटरनेट और कम्युनिकेशन को ठप कर अपने अपराध दुनिया से छिपा रही है।

वहीं, भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने मंगलवार को कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है। ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में पिछले 17 दिन में 12 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

प्रदर्शनकारियों का फ्यूनरल आज

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

वही, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक बुधवार को विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों और सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में किया जाएगा।

ट्रम्प ने ईरान पर मिलिट्री एक्शन का प्लान होल्ड पर डाला था

ट्रम्प ने मंगलवार सुबह ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई का प्लान फिलहाल होल्ड पर रख दिया था। हालांकि, अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया था, ताकि आदेश मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जा सके।

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक ट्रम्प का कहना था कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा था कि ईरान की ओर से सार्वजनिक तौर पर जो बातें कही जा रही हैं, वे उन प्राइवेट मैसेजेस से अलग हैं जो अमेरिकी प्रशासन को मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन मैसेजेस को समझना चाहते हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वे सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ये मैसेज किस तरह के हैं।

व्हाइट हाउस ने ईरान से बातचीत की कोशिशों पर भी ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन यह बताया कि राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ईरान से संपर्क में अहम भूमिका निभाएंगे।

ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प

वहीं, ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं।

दूसरी तरफ ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है।

ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों का अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।

वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक ईरान ने 2022 में 147 देशों के साथ व्यापार किया था। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट एक्सियोस के मुताबिक ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने पिछले हफ्ते ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मुलाकात की। यह बैठक चुपचाप हुई और इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। वह 1978 में अपने पिता के सत्ता से हटने से पहले ही ईरान छोड़ चुके थे। इसके बाद से वह ज्यादातर अमेरिका में ही रहे हैं, खासतौर पर लॉस एंजिल्स और वॉशिंगटन डीसी में।

ईरान में इंटरनेट बंद होने से पहले दिए गए अपने संदेशों में रजा पहलवी ने कहा था कि वह देश में सत्ता परिवर्तन की प्रोसेस का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ईरान में जनमत संग्रह कराने और बिना हिंसा के बदलाव की बात भी कही है।

निर्वासित क्राउन प्रिंस का मानना है कि ईरान एक संवैधानिक राजशाही बन सकता है, जहां शासक जनता की तरफ से चुना जाए, न कि सिर्फ वंश के आधार पर। पिछले साल जून में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा था कि शांति का एक ही रास्ता एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ईरान है।

ईरान में हिंसा से कश्मीरी परिवारों की चिंता बढ़ी

ईरान में तनाव के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारत के 2 हजार कश्मीरी छात्रों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। मध्य कश्मीर के फारूक अहमद का बेटा तेहरान के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। उन्होंने बताया, ‘चार दिन पहले बात हुई थी। वह डरा हुआ था। उसने बताया कि हिंसा के साथ अमेरिका के हमले का भी डर है।’ इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। घाटी के कई अन्य परिवारों ने भी ऐसी ही चिंता जताई है।

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेशनल कन्वीनर नासिर खुहामी ने बताया कि 1,500 से ज्यादा कश्मीरी वहां काम के सिलसिले में मौजूद हैं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

अमेरिका का ईरान पर हमला पड़ सकता है भारी ………………..

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

by UB India News
January 28, 2026
0

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. फिलहाल दोनों देशों में सीधी जंग तो नहीं, लेकिन...

नहीं माने ट्रंप, भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का नोटिफिकेशन जारी, कुछ घंटों बाद हो जाएगा लागू

मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स को देख जला अमेरिका का खून………….

by UB India News
January 28, 2026
0

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा...

जंग, तबाही और शांति, कैसे बना 27 देशों वाला यूरोपियन यूनियन? जिससे भारत ने की डील

जंग, तबाही और शांति, कैसे बना 27 देशों वाला यूरोपियन यूनियन? जिससे भारत ने की डील

by UB India News
January 28, 2026
0

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप खंडहर में बदल चुका था. लाखों लोग मारे गए, अर्थव्यवस्थाएं टूट चुकी थीं. देशों...

गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन को क्यों कहा जाता है आयरन लेडी…………

गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन को क्यों कहा जाता है आयरन लेडी…………

by UB India News
January 28, 2026
0

भारत के लिए 77वां गणतंत्र दिवस बेहद खास साबित होने वाला है। दरअसल, इस मौके पर भारत और यूरोपीय संघ...

यह ट्रंप का पीस बोर्ड है, क्या इस तरह के मंच से संभव है विश्व शांति?

यह ट्रंप का पीस बोर्ड है, क्या इस तरह के मंच से संभव है विश्व शांति?

by UB India News
January 25, 2026
0

हाल ही में अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों को भेजे गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के प्रस्तावित चार्टर में, एक आदमी के...

Next Post
क्या सच में बंद है 10 मिनट में डिलीवरी ?

क्या सच में बंद है 10 मिनट में डिलीवरी ?

कर्नाटक में राहुल के स्वागत पर क्यों हुआ विवाद………………

कर्नाटक में राहुल के स्वागत पर क्यों हुआ विवाद..................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 ubindianews.com All Rights Reserved

MADE WITH ❤ BY AMBITSOLUTIONS.CO.IN

No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend