अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं।
इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच UNSC आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन पर हमले बंद करे।
पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट पर जारी जंग को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर चिंतित हूं।पीएम ने केरलम में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।
इजराइल मीडिया YNET की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई युद्ध के पहले दिन हुए हमले में मामूली रूप से घायल हो गए थे। यह दावा एक इजराइली अधिकारी ने किया है।
इजराइली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि उनकी चोट ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन इसी वजह से मुजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं दिए हैं।
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि हमले के दौरान उनके पैरों में चोट लगी थी, हालांकि चोट कितनी गंभीर है यह साफ नहीं बताया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई फिलहाल किसी सुरक्षित और सीक्रेट जगह पर रह रहे हैं।

लेबनान में इजराइल के हमले शुरू होने के बाद से करीब 7.80 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। यह जानकारी लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने दी है।
सरकार के मुताबिक इनमें से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसी बीच UN ने मंगलवार को सीमा के पास स्थित अल्मा अश-शाब शहर से अपने कर्मचारियों को हटा लिया।
यह शहर इजराइल बॉर्डर के पास है और यहां ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना की कई चेतावनियों के बावजूद यहां के कई लोग अपने घर छोड़ना नहीं चाहते थे।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई नहीं चाहते थे कि उनके बेटे मुजतबा खामेनेई उनके बाद देश के सुप्रीम लीडर बनें। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपनी वसीयत में भी लिखा था कि मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी न बनाया जाए। उनका मानना था कि मुजतबा के पास देश चलाने का ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं है।
लेकिन 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बदल गए। इसके बाद ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मुजतबा खामेनेई का नाम आगे बढ़ाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने वाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के कुछ लोग मुजतबा के नाम से सहमत नहीं थे। रिवोल्यूशनरी गार्ड के दबाव के कारण आखिरकार मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया।
मुजतबा इससे पहले सरकार में किसी बड़े पद पर नहीं रहे हैं। वे ज्यादातर अपने पिता के दफ्तर का काम देखते थे और सेना के अधिकारियों से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उनके सत्ता में आने से ईरान में सेना का असर और बढ़ सकता है।
सुप्रीम लीडर बनने के बाद से अब तक मुजतबा खामेनेई ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
जेलेंस्की का दावा- ईरान की मदद कर रहा रूस
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब ईरान की मदद करने लगा है। उनका कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी मदद दे रहा है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस आगे चलकर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में भी ईरान की मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो रूस ईरान में अपने सैनिक भी भेज सकता है।
जेलेंस्की ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए करीब 10 हजार सैनिक भेजे थे, वैसे ही रूस भी ईरान की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है।
ईरान के निशाने पर अमेरिका-इजराइल के बैंक
ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। ईरान का कहना है कि उसके एक बैंक पर हमला हुआ है, इसलिए अब वह जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं।
साथ ही ईरान ने लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें, क्योंकि वहां हमला हो सकता है।
लेबनान में इजराइल का हवाई हमला, 7लोगों की मौत
लेबनान के पूर्वी बालबेक जिले में इजराइल के एक हवाई हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला तमनीन अल-तहता इलाके में एक इमारत पर किया गया। इस इमारत में सीरिया का एक परिवार रहता था, जो हमले की चपेट में आ गया।
7 दिसंबर की वह तबाही
दुनिया ने पहली बार देखा कामाकाजी विमान








