गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में क्विक कॉमर्स कंपनियों से “10 मिनट डिलीवरी” की अनिवार्य डेडलाइन को खत्म करने को कहा. Zomato, Zepto, और Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ केंद्र सरकार ने बैठक की थी, ताकि सभी गिग वर्कर्स को इसका फायदा मिले. इसके बाद ही Blinkit की तरफ से एक बयान भी तुरंत आ गया था कि कंपनी 10 मिनट डिलीवरी की डेडलाइन को खत्म कर रही है. लेकिन क्या सच में इन बड़ी-बड़ी कंपनियों ने इसे लागू किया है? क्योंकि अभी भी Blinkit, Zepto, Flipkart Plus और Amazon Now जैसे ऐप्स पर डिलीवरी टाइम 10 मिनट के अंदर दिख रहा है. आखिर ऐसा क्यों है? तो इसके पीछे कुछ खास वजहें छिपी हुई है.
सरकार को इन कंपनियों ने भरोसा दिया है कि ऐड्स, सोशल मीडिया, ऐप पर ब्रांडिंग से 10 मिनट वाला क्लेम हटा देंगे. Blinkit, Zepto और अन्य कंपनियों के अनुसार, सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही वह अपने आंतरिक नीतियों को अपडेट करेंगे. ऐसे में ग्राहकों को इन ऐप पर डिलीवरी का समय अभी भी कम दिखाया जा रहा है.
10 मिनट के अंदर डिलीवरी दिखा रहे ऐप्स

आपको बता दें कि इन फोटोज में डिलीवरी का टाइम अभी भी 10 मिनट के अंदर ही दिखा रहा है. Amazon Now पर डिलीवरी टाइम 9 मिनट दिखा रहा है.

फिल्पकार्ट मिनट्स पर 7 मिनट की डिलावरी टाइमिंग शो हो रही है.

इसके अलावा जेप्टो और Blinkit पर भी 9 और 8 मिनट का ही टाइम शो हो रहा है. असल में जो समय यह आप देख रहे है वो ETA (Estimated time of arrival) है, यानी अनुमानित समय. ऐप में लोकेशन के हिसाब से डार्क स्टोर पास होने पर 8-9 मिनट दिखाता है.

यह अनुमान है, अनिवार्य डेडलाइन नहीं. कंपनियां अभी भी कोशिश करेंगी जल्दी पहुंचाने की, क्योंकि उनके गोदाम पास-पास हैं. लेकिन अब वे खुलकर “10 मिनट में गारंटी” नहीं कहेंगे. इससे ग्राहकों की उम्मीद थोड़ी कम होगी, और राइडर्स पर दबाव घटेगा. पहले भी कई बार 10 मिनट से ज्यादा लग जाता था, लेकिन अब ब्रांडिंग में स्पीड पर जोर नहीं रहेगा.
क्यों कंपनियां दिखा रही है 10 मिनट में डिलीवरी ?
असल, कंपनियां अभी भी यूजर एंगेजमेंट और मार्केटिंग के लिए 10 मिनट डिलीवरी को ऐप्स पर शो कर रही है. हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि अगर किसी ग्राहक का ऑर्डर 10 मिनट में नहीं पहुंचता, तो कोई नुकसान नहीं होगा और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव भी नहीं पड़ेगा. क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में यह कदम गिग वर्कर्स के लिए राहत भरा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे लंबे समय में सुरक्षित और संतुलित डिलीवरी सिस्टम तैयार होगा. वहीं, ग्राहक अनुभव पर इसका असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा, क्योंकि कंपनियां अभी भी तेज़ डिलीवरी दिखाकर कॉम्टिशन में बनी रहना चाहती हैं. कुछ जगहों पर अभी भी ऐप स्टोर या पुराने ऐड्स में दिख सकता है, लेकिन मुख्य ऐप में बदलाव आ रहा है. आपको बता दें कि 10‑मिनट का दावा हटने के बाद भी कंपनियां लगभग 15‑30 मिनट या आसपास के समय में सामान देंगी, लेकिन इसे अब “10‑मिनट गारंटी” की तरह प्रचारित नहीं किया जाएगा.







